रायबरेली। लखनऊ-वाराणसी वाया रायबरेली रेल लाइन के विद्युतीकरण के लिए रायबरेली यार्ड के पुराने सिग्नलों को बदलने की तैयारी पूरी कर ली गई है। शुक्रवार से पांच दिन का मेगा ट्रैफिक ब्लॉक लेकर काम शुरू किया जाएगा, जिसे समय से पूरा करने के लिए गुरुवार को बड़ी-बड़ी मशीनों के साथ अधिकारियों और कर्मचारियों की टीम ने डेरा डाल दिया। पूरे दिन 44 सिग्नल बदलने और बचे हुए काम को पूरा करने की रणनीति बनाई जाती रही।
रायबरेली यार्ड में लगे 33 मेन सिग्नल और 11 शंट सिग्नल बदलने के लिए पिछले डेढ़ महीने से नॉन इंटरलॉकिंग की अनुमति मांगी जा रही थी। इस बीच वायरिंग (तार खींचने) का काम पूरा कर लिया गया था। बस सिग्नल बदलने की देरी थी।
एनआई की अनुमति 15 से 19 मार्च तक की मिली है। इसी अवधि में काम पूरा करके इलेक्ट्रिक इंजन से ट्रायल कराने की प्लानिंग रेल विकास निगम लिमिटेड ने कर ली है। श्रीराज नगर से गौरीगंज तक मुख्य संरक्षा आयुक्त की निगरानी में इसी महीने ट्रायल कराया जाएगा। इसके लिए जहां रायबरेली यार्ड में आरवीएनएल की मशीनें पहुंच गई हैं, वहीं कई बड़े अधिकारी भी यहां पहुंच गए हैं। तकनीकी विशेषज्ञों के साथ कर्मचारियों की टीम ने भी डेरा डाल दिया है।
शुक्रवार से सिग्नल बदलने का काम शुरू कर दिया जाएगा। मेगा ट्रैफिक ब्लॉक लिए जाने के कारण ट्रेनों का आवागमन प्रभावित रहेगा। इसलिए रायबरेली से होकर चलने वाली 22 ट्रेनें (11 जोड़ी गाड़ियां) निरस्त कर दी गई हैं, जिनमें छह ट्रेनें महत्वपूर्ण हैं तो बाकी सभी गाड़ियां पैसेंजर हैं।
इसके अलावा तीन जोड़ी यानी छह ट्रेनों को डायवर्ट कर दिया गया है। चार महत्वपूर्ण गाड़ियां रायबरेली आने के बजाए बीच रास्ते से ही लौटा दी जाएंगी। इसके अलावा अंतिम दिन आठ घंटे का ट्रैफिक ब्लॉक होने के कारण कई अन्य गाड़ियां भी प्रभावित रहेंगी। शुरुआती चार दिन चार-चार घंटे तो अंतिम दिन आठ घंटे का ट्रैफिक ब्लॉक लिया जाएगा।
नान इंटरलॉकिंग की अनुमति मिलने के बाद से तैयारी युद्धस्तर पर कराई गई। अब सभी तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। 15 से 19 तक मिले ट्रैफिक ब्लॉक के दौरान काम पूरा कर लिया जाएगा और फिर इलेक्ट्रिक लाइन पर ट्रायल के लिए अनुमति मांगी जाएगी।
-जगन्नाथ मिश्रा, प्रबंधक, आरवीएनएल लखनऊ