इसी से नाराज हो उन्होंने यह कदम उठाया। इस साल 44,135 स्टूडेंट्स को वजीफे के लिए नवीनीकरण कराना था। इसमें से मात्र 21 हजार 537 छात्रों ने ही नवीनीकरण कराया है।
इंटरनेट पर 22 हजार से अधिक छात्र-छात्राओं का डाटा न मिलने पर मामले की पड़ताल शुरू करा दी गई हैं। संस्थानों को इस संबंध में ब्योरा देने के आदेश दिए गए हैं।
वर्ष 2014-15 में छात्रवृत्ति व शुल्क प्रतिपूर्ति का लाभ देने के लिए ऑनलाइन आवेदन कराए गए थे। 66,650 छात्र-छात्राओं ने आवेदन किया था। जिसमें 44,135 छात्र-छात्राओं के आवेदन सही पाए गए थे।
शासन से तय लक्ष्य के सापेक्ष करीब 21 हजार स्टूडेंट्स को ही योजना का लाभ मिला था। 22 हजार से अधिक छात्र-छात्राओं को योजना का लाभ नहीं मिल सका था।
इस साल भी इन छात्रों को अपने आवेदन का ऑनलाइन नवीनीकरण कराना था, लेकिन जिन छात्रों को वजीफा नहीं मिला। उन छात्रों ने नवीनीकरण नहीं कराया है।
शासन स्तर पर मामला पकड़ में आने के बाद समाज कल्याण विभाग में हड़कंप मच गया है। तमाम ऐसे भी संस्थान हैं, जहां एक भी छात्र ने नवीनीकरण नहीं कराया है।
शासन मामले की पड़ताल कराने में जुट गया है। यह पता लगाया जा रहा है कि छात्रों ने नवीनीकरण क्यों नहीं कराया। इस संबंध में समाज कल्याण अधिकारी ने संबंधित संस्थानों को पत्र जारी करके रिपोर्ट देने के आदेश दिए हैं।
बताया कि पिछले साल आवेदन करने के बाद भी 20 प्रतिशत छात्र-छात्राओं को ही छात्रवृत्ति और स्कॉलरशिप का लाभ मिला। आवेदन सही होने के बाद भी तमाम बच्चों को योजना का लाभ नहीं मिला।
शायद यही कारण है कि छात्र-छात्राओं ने इस बार छात्रवृत्ति के लिए नवीनीकरण नहीं कराया है। हालांकि कुछ छात्रों ने नया आवेदन जरूर किया है।
समाज कल्याण अधिकारी एके सिंह ने बताया कि 44 हजार छात्र-छात्राओं को छात्रवृत्ति और स्कॉलरशिप के लिए नवीनीकरण कराना था। लेकिन 22 हजार से अधिक बच्चों ने नवीनीकरण नहीं कराया है।
इस कारण का पता लगाया जा रहा है। संस्थानों से जवाब मांगा गया है। फिरोज गांधी कॉलेज के प्राचार्य डॉ. एसके पांडेय का कहना है कि नवीनीकरण न कराने का प्रमुख कारण पिछले साल स्कॉलरशिप का न मिलना है।
छात्र-छात्राएं आवेदन करते हैं, लेकिन लाभ नहीं मिल पाता। इसके अलावा कुछ बच्चे फेल हो गए होंगे और कुछ को दूसरी जगह से स्कॉलरशिप मिल गई होगी।
पंचशील इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ. श्रीकांत पांडेय ने कहा कि हो सकता है कि पिछले साल स्कॉलरशिप न मिलने के कारण तमाम छात्रों ने नया आवेदन कर दिया हो।
जिन लोगों को वजीफा नहीं मिला, उन छात्रों ने इस ओर ध्यान नहीं दिया। या फिर कोई नवीनीकरण को समझ नहीं पाया, लेकिन प्रमुख कारण आवेदन के बावजूद वजीफा का न मिलना ही है।