रायबरेली। एडीएम (प्रशासन) राम अभिलाष ने मुकदमों की सुनवाई करते हुए मधुर ब्रेड के निर्माता पर तीन लाख और विक्र्रेता पर 10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है।
इसके अलावा लखनऊ की मीना रस्क के निर्माता पर एक लाख व विक्रेता पर 15 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। एक माह के अंदर जुर्माने की धनराशि को जमा करने के आदेश दिए हैं। ऐसा न करने पर भूराजस्व की भांति वसूली के आदेश दिए हैं।
एफएसडीए की टीमों ने जिले में अभियान चलाकर खाद्य पदार्थों के नमूने सील करके विधि विश्लेषक प्रयोगशाला लखनऊ भेजा था।
शहर के सारस चौराहा से बीती चार जनवरी को उन्नाव जिले के बीघापुर निवासी उमेश कुमार शर्मा की गाड़ी से मधुर ब्रेड का नमूना भरा था।
जांच में नमूना फेल आने के बाद एडीएम प्रशासन के कोर्ट में मुकदमा किया गया था। एडीएम ने मुकदमे की सुनवाई करते हुए विक्रेता उमेश कुमार शर्मा पर 10 हजार रुपये और ब्रेड के निर्माता मनमोहन फूड्स प्राइवेट लिमिटेड औद्योगिक क्षेत्र अमावां रतापुर पर तीन लाख रुपये का जुर्माना किया है।
इसके अलावा मीना मिल्क रस्क का नमूना फेल आने पर दुकानदार बावन बुजुर्ग बल्ला निवासी रितेश कुमार पर 15 हजार व निर्माता मीना सन फूड प्रोडक्ट्स लखनऊ पर एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। एडीएम ने सभी लोगों को एक माह के अंदर जुर्माने की धनराशि को जमा करने के आदेश दिए हैं।
छह दुकानदारों पर भी 75 हजार जुर्माना किया
बिना पंजीयन के संचालित लालगंज के तिकोना पार्क स्थित दुकान के संचालक राजा बाबू पर 10 हजार, महराजगंज रोड लोधनपुर स्थित दुकान के संचालक सतेंद्र कुमार पर 10 हजार व सिंह ढाबा कुंदनगंज पर बिना पंजीयन के लिए पर 10 हजार रुपये का जुर्माना किया है।
आइस कैंडी का नमूना फेल होने पर बेहटा चौराहा निवासी सोनी पर 20 हजार, धनिया पाउडर का नमूना फेल होने पर कसरावां बछरावां निवासी मो. महमूद पर 10 हजार और नमकीन का नमूना फेल होने पर कुचरिया निवासी दिनेश कुमार पर 10 हजार रुपये का जुर्माना किया गया है।
एडीएम (प्रशासन) ने आठ मुकदमों में जुर्माना किया है। आदेश आने के बाद सभी लोगों को एक माह में जुर्मानेे की धनराशि जमा करने के लिए आदेशित कर दिया गया है। समय से जुर्माने की धनराशि जमा न होने पर भू-राजस्व की भांति वसूली कराई जाएगी।
शशांक त्रिपाठी, अभिहित अधिकारी, एफएसडीए