रायबरेली। अपर जिला अधिकारी (प्रशासन) राम अभिलाष ने मुकदमों की सुनवाई करते हुए श्री ब्रांड नमकीन व बेसन के निर्माता, प्रबंधक व विक्रेता पर छह लाख रुपये का जुर्माना किया है।
उन्होंने दोनों नमूनों के फेल होने पर निर्माता पर डेढ़-डेढ़ लाख रुपये, प्रबंधक पर एक-एक लाख और विक्रेता पर 50-50 हजार रुपये का जुर्माना किया है।
जुर्माने की धनराशि को दो माह के अंदर जमा करने के आदेश दिए हैं। ऐसे न करने पर जुर्माने की धनराशि को भू-राजस्व की भांति वसूलने के आदेश दिए हैं।
एफएसडीए की टीम ने हरचंदपुर ब्लॉक के प्यारेपुर स्थित नीरज श्रीवास्तव की दुकान से श्री ब्रांड नमकीन का नमूना सील किया था।
इसके अलावा बेसन का नमूना भी सील करके जांच के लिए भेजा था। जांच में दोनों ही नमूने फेल पाए गए। नमूने फेल होने के बाद एफएसडीए की ओर से एडीएम के कोर्ट मेकं मुकदमा किया गया था।
मुकदमे की सुनवाई करते हुए एडीएम ने बेसन व नमकीन के निर्माता श्री इंडस्ट्रीज ए-9 इंडस्ट्रियल एरिया एस्टेट, लखनऊ रोड हरचंदपुर पर डेढ़-डेढ़ लाख रुपये का जुर्माना लगाया है।
प्रबंधक व सेमरौता निवासी प्रदीप वर्मा पर दोनों की नमूनों पर एक-एक लाख रुपये का जुर्माना किया है। इसके अलावा विक्रेता नीरज श्रीवास्तव पर 50-50 हजार रुपये का जुर्माना किया है। सभी को दो माह के अंदर जुर्माने की धनराशि जमा करने के आदेश दिए हैं।
15 और मिलावटखोरों पर दो लाख जुर्माना
एडीएम ने 15 और मिलावटखोरों पर भी दो लाख रुपये की जुर्माना किया है। दूध में मिलावट पर मल्केगांव निवासी राजेश कुमार, घनश्यामखेड़ा निवासी रिजवान, प्यारेपुर निवासी शिवराज सिंह पर सात-सात हजार रुपये का जुर्माना किया।
इसके अलावा बिना पंजीयन के दुकान मिलने पर जोगमगदीपुर निवासी दान बहादुर, कहाराें का अड्डा निवासी मो. कलाम, खसपरी निवासी जय सिंह पर 15-15 हजार रुपये का जुर्माना किया है।
धरई निवासी वेद प्रकाश पांडेय पर बिना पंजीयन की दुकान मिलने पर 20 हजार रुपये का जुर्माना किया। इसके अलावा अन्य दुकानदारों पर भी जुर्माना किया है।