रायबरेली। जापानी इंसेफेलाइटिस (जेई) व एक्यूट इंसेफेलाइटिस सिंड्रोम (एईएस) से ग्रसित बच्चों के इलाज के लिए जिला अस्पताल में पीडियाट्रिक आईसीयू (पीआईसीयू) बनकर तैयार हो गई है। आईसीयू में करीब दो करोड़ की लागत के उपकरण खरीदने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। 17 जुलाई को अपर मुख्य सचिव मो. इफ्तेखारुद्दीन आईसीयू का निरीक्षण करेंगे।
जेई और एईएस से प्रदेश में प्रभावित छह जिलों में रायबरेली भी शामिल हैं। इन जिलों में बच्चों के इलाज के लिए समुचित व्यवस्था न होने पर राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन से पीडियाट्रिक आईसीयू का निर्माण कराया गया है। करीब 70 लाख रुपये की लागत से निर्माण इकाई पैकफेड ने आईसीयू के भवन के निर्माण का काम पूरा करा दिया है। 10 बेड के आईसीयू में लाडलों के इलाज के लिए हाईटेक व्यवस्था होगी। इसके शुरू होने के बाद इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज व अन्य निजी अस्पतालों के चक्कर नहीं लगाने पडे़ंगे। पैकफेड के एई एके सिंह ने बताया कि आईसीयू भवन के निर्माण का काम पूरा करा दिया गया है। अब आईसीयू शुरू कराया जा सकता है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही पीडियाट्रिक आईसीयू शुरू हो जाएगा।
इनसेट
वर्ष 2017 में मिले रोगी
रोग रोगी मौत
एईएस 01 00
जेई 11 01
डेंगू बुखार 28 00
चिकनगुनिया 06 00
स्वाइन फ्लू 27 02
जिला अस्पताल में पीडियाट्रिक आईसीयू का भवन तैयार हो गया है। आईसीयू शुरू कराने के लिए कुछ उपकरण आ चुके हैं। कुछ आने वाले हैं। प्रयास किया जा रहा है कि इसी महीने पीडियट्रिक आईसीयू शुरू करा दिया जाएगा।
डॉ. एनके श्रीवास्तव, सीएमएस जिला अस्पताल