टूटे पुल पर दीवार बनवाकर रोका आवागमन
जगतपुर। सलोन-जगतपुर होते हुए डलमऊ जाने वाले मार्ग पर बने पारी रजबहे के धंसे पुल के दोनों दीवार बनाकर रविवार से आवागमन रोक दिया गया।
मिट्टी डलवा कर रूट डायवर्जन का काम भी शुरू हो गया है। रविवार के अंक में ‘अमर उजाला’ ने पुल धंसने का मामला उठाया था।
यहां धंसे पुल के हिस्से पर झाड़ियां रखकर किसी तरह आवागमन रोका गया था। खबर छपने के बाद हरकत में आए अधिकारियों ने रविवार को आननफानन दीवार बनाकर पुल से आवागमन रोक दिया है।
साथ ही पुल के बगल में डायवर्जन बनाने के लिए मिट्टी डलवाने का काम शुरू करा दिया गया है। अफसरों का कहना है कि इस मार्ग से आने वाले वाहनों को कुछ दिन के लिए सूची चौराहे होते हुए पिछवारा से होते गंतव्य तक जाएंगे। इससे राहगीरों को 10 किलोमीटर का अतिरिक्त चक्कर लगाना पड़ेगा।
सलोन-जगतपुर मार्ग पर पिछवारा के निकट बने पारी रजबहे का पुल कई सालों से जर्जर था। सिंचाई विभाग ने ओवरलोड वाहनों का प्रवेश भी वर्जित किया था।
इसी बीच शुक्रवार रात ओवरलोड ट्रक के गुजरने से जर्जर पुल धंस गया और रेलिंग भी टूट गई थी। सिंचाई विभाग के अभियंताओं ने पुल के ऊपर झाड़ियां रखकर किसी तरह आवागमन रोक दिया।
इसके बावजूद साइकिल और बाइक सवार लोग झाड़ियां हटाकर आ-जा रहे थे। इससे हादसा भी हो सकता था। अमर उजाला ने इस मुद्दे को प्रमुखता से प्रकाशित किया था।
खबर छपने के बाद हरकत में आए सिंचाई विभाग के अभियंताओं ने पुल के दोनों ओर से दीवार उठा दी। ताकि कोई पुल से निकल न सके।
सिंचाई विभाग के दक्षिणी खंड के एसडीओ संजय गुप्ता का कहना है कि धंसे पुल पर रखी झाड़ियों को हटाकर साइकिल और बाइक सवार निकल रहे थे।
इससे कभी भी कोई बड़ी घटना हो सकती थी। इसे देखते हुए पुल के दोनों तरफ दीवार बनवाई जा रही है। नहर पुल के बगल में मिट्टी डलवाकर डायवर्जन बनवाने का काम शुरू हो गया। डायवर्जन बनने के बाद आवागमन बहाल कर दिया जाएगा।