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प्रधानमंत्री आवास योजना में घपला

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प्रधानमंत्री आवास योजना में घपला :
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रायबरेली। गरीबों को पक्की छत मुहैया कराने के लिए शुरू की गई प्रधानमंत्री आवास योजना में घपला-दर-घपला सामने आ रहा है। सलोन तहसील क्षेत्र के मीरजहांपुर गांव में 15 अपात्रों के नाम योजना के तहत चयनित कर लिए गए। यही नहीं छह अपात्रों को पहली किश्त जारी कर दी गई। बीडीओ (खंड विकास अधिकारी) सलोन अरुण सिंह की जांच में इसका खुलासा हुआ। सेक्रेटरी और प्रधान के खिलाफ कोतवाली में तहरीर दे दी गई है। साथ ही खातों पर रोक लगा दी गई है। परियोजना निदेशक इंद्रसेन सिंह ने कहा कि मामला गंभीर है। वीडीओ (ग्राम विकास अधिकारी) को सस्पेंड किया जाएगा।
सलोन तहसील क्षेत्र के मीरजहांपुर गांव के कुछ लोगों ने शिकायत की थी कि प्रधानमंत्री आवास योजना में अपात्रों का चयन कर लिया गया है। शिकायत मिलने पर पीडी इंद्रसेन सिंह ने इसकी जांच के लिए बीडीओ सलोन को निर्देश दिए थे। बीडीओ ने एडीओ पंचायत, एडीओ समाज कल्याण के साथ स्वयं इस प्रकरण की जांच की। बीडीओ अरुण सिंह के मुताबिक जांच में खुलासा हुआ है कि सेक्रेटरी व प्रधान की मिलीभगत से 15 अपात्र लोगों को योजना के तहत चयन किया गया है। इसमें से छह अपात्रों को प्रति अपात्र को 40 हजार रुपये की किश्त भी जारी कर दी गई। उन्होंने निर्माण कार्य भी शुरू करा दिया। बीडीओ ने बताया कि सेक्रेटरी एसपी सिंह व प्रधान गंगादीन के खिलाफ कोतवाली में तहरीर दे गई है। साथ ही अपात्रों के खाते में रोक लगा दी गई है। धन रिकवरी की जाएगी। गांव में बैठक करके निर्देश दिए गए हैं कि पात्रों को ही योजना में लाभ दिया जाए। पीडी का कहना है कि कहीं पर भी कोई शिकायत इस तरह की मिलेगी तो जांच कराई जाएगी। पूरे प्रयास हैं कि पात्रों को ही योजना का लाभ मिल सके।
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सलोन के ही सिरसिरा में भी पकड़ में आया था खेल
सलोन तहसील क्षेत्र में ही प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत घपले होने की शिकायतें आ रही हैं। इससे पहले इसी क्षेत्र के सिरसिरा गांव में 10 अपात्रों को योजना में चयनित करने का खुलासा हुआ था। इस पर सलोन बीडीओ की तहरीर पर ग्राम पंचायत अधिकारी विमलेश कुमार और प्रधान वीरेंद्र के खिलाफ सलोन कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। साथ ही ग्राम पंचायत अधिकारी को सस्पेंड कर दिया गया है। यह मामला थमा भी नहीं कि एक और घोटाला सामने आ गया।
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