फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अली अली हाय अली की सदाओं के साथ निकला जुलूस

विज्ञापन
विज्ञापन
अली-अली हाय अली की सदाओं के साथ निकला जुलूस
विज्ञापन

परशदेपुर (रायबरेली)। 21वीं रमजान से पहले इमाम हजरत अली की शहादत के मौके पर शनिवार रात परशदेपुर कस्बे के छोटे इमामबाड़े से निकले ताबूत के जुलूस में ये जनाजा है अली का मर गया बाबा शब्बरो शब्बीर का की आवजें बुलंद हो रही थी। आंखों में आंसू और चेहरे पर गम के साथ 21वीं रमजान को अजादारों ने अपने पहले इमाम अली इब्ने अबुतालिब का ताबूत की शबीह निकाल कर रुखसत किया।
छोटे इमामबाड़े परशदेपुर में इमाम अली की शहादत का गम मनाने के लिए और इमाम को रुखसत करने के लिए काफी अजादार जमा हुए। इसके अलावा जायस की अंजुमन भी जुलूस में शिरकत करने के लिए आई। जुलूस छोटे इमामबाड़े से निकल कर मोहल्ला गढ़ी होते हुए काजियाने के बड़े इमामबाड़े में पंहुचा। जुलूस में नौहाखान डॉ. आमिर रिजवी ने शाह मकतल में रोने लगी लाशें अकबर उठाते हुए नौहा पढ़ा, जिसको सुनकर सभी अजादारों की आंखें नम हो गईं और मातमदारों ने नौहे पे मातम किया। जायस से आई अंजुमन के नौहाख्वान सुरुर नकवी, शहीद नकवी आदि ने भी अपनी पुरकशिश आवाज में डूबा हुआ लहू में फरजंद का लाशा दो मां की तमन्नाओं का खून हुआ है नौहा पढ़ा, जिसको सुनकर मातमदारों ने मातम किया और सभी की आंखों से आंसू निकल पड़े।
विज्ञापन
विज्ञापन

इसके बाद जुलूस बड़े इमाम बाड़े से निकल कर जुमा मस्जिद गड़ी मोहल्ला होते हुए फिर छोटे इमामबाड़े पंहुचा, जहां पे काफी देर तक नौहाख्वानी और सीनाजनी का दौर चलता रहा। जुलूस खत्म होने के बाद इमामबाड़े में अंजुम रिज़वी ने मजलिस करवाई, जिसको डॉ. इतरत नकवी ने खिताब किया। जुलूस में नाजिम रिजवी, आसिफ बाबर, बबलू शम्सी रिजवी आदि मौजूद रहे। परशदेपुर चौकी इंचार्ज श्रीराम पांडेय अपनी टीम के साथ जुलूस में मुस्तैदी के साथ शामिल रहे। जुलूस के बाद अंजुमन के सेक्रेटरी डॉ. इतरत और शम्सी रिज़वी ने सभी का शुक्रिया अदा किया।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें