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अमरनाथ यात्रा पर गए 200 श्रद्धालु फंसे

Mon, 11 Jul 2016 12:35 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ रायबरेली
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amarnath yatra - फोटो : Amar Ujala
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जिले से अमरनाथ यात्रा करने गए श्रद्धालुओं के परिवारीजनों को अब अपनों की चिंता सताने लगी है। आतंकी बुरहान के मारे जाने के बाद घाटी में फैली हिंसा, पत्थरबाजी के बाद कर्फ्यू लगने से हर कोई परेशान है। जिले से अब तक 200 श्रद्धालु जा चुके हैं, जो अलग-अलग स्थानों पर फंसे हुए हैं।
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इसमें अमरनाथ यात्रा करवाने वाले ओम शिवशक्ति मंडल के अध्यक्ष राजेंद्र अवस्थी और कोषाध्यक्ष जगदीश चैनानी भी शामिल है। इसके अलावा अमृत नगर के विनयदीप, बजरंग नगर मृत्युंजय सिंह, हिमांश सिंह, घुरवारा के मनोज, जगेश्वर, श्रवण कुमार, रिंकू, लोधीपुर उतरावां के करन सिंह, तेरूखा के अमित शुक्ला, जगतपुर बरदरा के संतराम आदि शामिल है।

कई जगह अमरनाथ यात्रियों पर हमले की खबर से इनके परिवारीजन अपनों की कुशलक्षेम की दुआ कर रहे हैं। इंटरनेट और फोन सेवा बाधित होने से कई की खोज-खबर नहीं मिलने से परिवारीजन चिंतित हैं। भगवंत कौर कॉलोनी के राजेश अवस्थी उनके भाई बृजेंद्र अवस्थी 6 जुलाई को अमरनाथ यात्रा के लिए घर से निकले हैं।
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मां माया अवस्थी कहती है कि 7 जुलाई को जम्मू पहुंच गए। उसी दिन बात हुई थी। इसके बाद मोबाइल और इंटरनेट सेवा ठप है। कोई संपर्क नहीं हो पा रहा है। राजेश के बेटे आशीष अवस्थी कहते है कि कई बार कोशिश की गई, लेकिन सिर्फ यही पता चला कि पापा जम्मू के आर्मी कैंप में हैं। आशीष की मां मधु और चाची सरिता काफी परेशान हैं।

इंदिरा नगर के रहने वाले राहुल मिश्रा भी दोस्तों के साथ अमरनाथ दर्शन के लिए के लिए गए हैं। घाटी में बवाल और कर्फ्यू लगने का समाचार टीवी पर देखने के बाद राहुल की पत्नी वंदना मिश्रा बीमार हो गई। वहीं मां सरोजनी देवी भी बेटे को लेकर चिंतित है। कहती है कि बाबा भोले पर ही सब कुछ टिका है।

कर्फ्यू के बाद से कुछ खबर नहीं है। अभी अमरनाथ गुफा पहुंचे की नहीं कुछ मालूम नहीं है। फोन भी नहीं आया है। इंदिरा नगर के सी-482 निवासी विनय कुमार वाजपेयी भी 6 जुलाई को अमरनाथ यात्रा के लिए निकले हैं। पिता जीएस वाजपेयी का कहना है कि बेटे से संपर्क नहीं हो पा रहा है।

प्रशासन से भी कुछ जानकारी नहीं मिली है। वहीं मां तपश्वेरी वाजपेयी, पत्नी सरिता कहती है कि सब कुछ बाबा बर्फानी ही संभालेंगे। मोबाइल से लगातार संपर्क करने की कोशिश की जा रही है। एक सप्ताह में आने की बात कही थी। अभी कुछ पता नहीं चल सका है।

अमरनाथ यात्रा के लिए जाने वाले श्रद्धालु जम्मू-कश्मीर की हालात पर नजर रखे हुए हैं। रजिस्ट्रेशन कराने के बाद अभी उनका जोश पहले की ही तरह बरकरार है। अमावां के राजू सोनी कहते है कि अमरनाथ यात्रा के लिए जरूर जाएंगे। आतंकियों के मंसूबे कभी पूरे नहीं होंगे।

इसी तरह अजय कुमार व विमलेश गुप्ता कहते है कि चाहे जितना दहशत फैला दें, हम पीछे नहीं हटने वाले हैं। गौरतलब है कि 9 जुलाई को भी जिले से 20 श्रद्धालुओं का जत्था अमरनाथ यात्रा के लिए रवाना हुआ है।
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