फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Raebareli News: माइनर उफनाने से 200 बीघा फसल जलमग्न

Sun, 08 Feb 2026 01:10 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, रायबरेली
विज्ञापन
दीनशाह गौरा ब्लॉक क्षेत्र के नेवलगंज गांव के पास नारायनपुर बन्ना माइनर की कटी पटरी।
विज्ञापन
लालगंज। बहाई माइनर में अधिक पानी छोड़े जाने से उफना गई। जगह-जगह पटरियां कट गईं। लगातार पानी के बहाव से करीब 200 बीघा फसल जलमग्न हो गई। किसानों ने पटरी को बांधने का प्रयास किया, लेकिन सफलता नहीं मिली। किसानों का आरोप है कि जब पानी की जरूरत होती है, तब पानी नहीं आता है। इससे निजी संसाधनों के सहारे सिंचाई करनी पड़ती है। किसानों को इस बात की चिंता है कि यदि कई दिनों तक पानी खेत में भरा रहा, तो फसल सड़ जाएगी।
विज्ञापन


किसान बृजलाल, गौरव, रामदीन, शंकर बघेल, बृजलाल पासवान, रोहित यादव, अजीजुर रहमन, आरिफ ने बताया कि बहाई माइनर की ठीक से सफाई नहीं कराई गई। बड़ी-बड़ी झाड़ियां उगी हैं। शुक्रवार की रात माइनर में अधिक पानी आने से छिवलहनी से बहाई गांव तक माइनर कई स्थानों पर उफनाकर कट गई। सुबह किसानों के खेत पानी से भरे मिले।

यही नहीं बेलहनी जाने वाले मार्ग पर भी पानी भरा रहा। इससे लोगों को आने-जाने में परेशानी का सामना करना पड़ा। किसानों ने बताया कि जिस समय पानी की जरूरत रहती है, उस समय पानी नहीं छोड़ा जाता है। इस समय सिंचाई की जरूरत नहीं है। इसके बावजूद पानी छोड़ दिया गया। निजी खर्च से जेसीबी मंगाकर पटरी की मरम्मत कराई गई, इसके बावजूद जब पानी छोड़ा जाता है, तो उफनाकर कटान हो जाती है। सिंचाई खंड उन्नाव के अवर अभियंता सौरभ कुमार ने बताया कि हेड से पानी रोक दिया गया है। जल्द जर्जर पटरी की मरम्मत कराई जाएगी।
विज्ञापन


सूचना के बाद कोई देखने तक नहीं आया, किसान खफा
गदागंज। दीनशाह गौरा ब्लॉक क्षेत्र से होकर निकले गंग नहर से नारायनपुर बन्ना माइनर निकली है। इस माइनर की सफाई में खानापूर्ति की गई। टेल तक सफाई ही नहीं कराई गई। पटरियां जर्जर हैं। एक सप्ताह पहले माइनर में पानी छोड़ा गया। टेल तक पानी पहुंचाने के चक्कर में शुक्रवार को माइनर में अधिक पानी छोड़ दिया गया। रात में नेवलगंज गांव के पास माइनर की पटरी कट गई। इससे गेहूं, सरसों, आलू की फसल में पानी भर गया।

शनिवार की सुबह जब किसान खेत पहुंचे, तो नहर कटने की जानकारी हुई। किसान मुनीम यादव, संतराम यादव, लल्लन, लक्ष्मी नारायण, राहुल, प्रदीप, प्रमोद ने बताया कि खेत में पानी भरने से गेहूं की फसल को छोड़कर आलू, मटर और सरसों की फसल खराब हो सकती है। शिकायत के बाद कोई मौके पर नहीं पहुंचा। इससे लोगों में नाराजगी है। किसानों ने बताया कि हर साल नहरों की सफाई में महज खानापूर्ति की जाती है। अवर अभियंता हरिश्चंद्र ने बताया कि नहर की पटरी कटने की जानकारी हुई है। पानी रोक दिया गया है। जल्द ही पटरी की मरम्मत कराई जाएगी।
विज्ञापन

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें