बछरावां (रायबरेली)। ब्लॉक क्षेत्र में शनिवार को आई आंधी और बारिश से बेपटरी बिजली आपूर्ति दो दिन से बहाल नहीं हो पाई है। इससे 20 गांवों की करीब 10 हजार आबादी बिजली संकट से जूझ रही है। सबसे ज्यादा परेशानी पेयजल की है। लोग हैंडपंपों से पानी भरकर लाने को मजबूर हैं।
विद्युत उपकेंद्र बिसुनपुर से समोधा, राजामऊ, सेंहगो व बिसुनपुर फीडर तो चालू हो गए हैं, लेकिन इनसे गांवों के अंतिम छोर तक बिजली नहीं पहुंची है। आंधी और बारिश से कहीं बिजली की लाइन पर पेड़ गिर गए तो कहीं ट्रांसफार्मर जमीन पर गिर गया। अभियंताओं का दावा है कि 66 बिजली के खंभे टूटे हैं। इससे अभी तक छोटकवाखेड़ा, सब्जी गांव व मदाखेड़ा समेत 20 गांवों की बिजली बहाल नहीं हो पाई है।
उपभोक्ता पंकज, महेश, धर्मेंद्र व अनूप ने बताया कि बिजली न आने से लोगों को गर्मी और उमस से जूझना पड़ रहा है। बिजली के अभाव में घरों में लगे विद्युत उपकरण शोपीस बन गए हैं। चार्ज न हो पाने से मोबाइल तक बंद हो गए हैं। जेई रामनाथ ने बताया कि आंधी-पानी के कारण बिजली के तार व खंभे टूट गए हैं। काम चल रहा है। जल्द ही आपूर्ति बहाल कराई जाएगी।