सावन का महीना शुरू होते ही भोले बाबा की दरबार में पहुंचने के लिए लोगों में होड़ लगने लगी है। अलग-अलग गांवों से कांवरियों का जत्था बाबा बैजनाथ, हरिद्वार तो कोई बनारस के लिए रवाना होने लगा है। प्रमुख मार्गों पर आकर्षक ढंग से सजे वाहनों पर सवार कांवरियां भगवान शिव का गुणगान करते हुए निकल रहे है।
इस दौरान किराए का वाहन तो कोई ट्रेन से गुजरता है। जिले में भर में हर साल तकरीबन 20 हजार कांवड़ियां अलग-अलग मंदिरों में जलाभिषेक के लिए निकलते हैं। इस दौरान गांव से जुड़ी उबड़-खाबड़ रास्तों पर नंगे पैर ही जाते है। प्रबल आस्था के कारण इन दुश्वारियों पर कभी उफ तक नहीं की।
वहीं जिला प्रशासन की ओर से कांवरियां के गुजरने वाले मार्गों को सुधारने के लिए कोई खास पहल नहीं की गई। यहां तक डलमऊ, ऊंचाहार, सरेनी के गंगा तटों पर भी कांवड़ियों के लिए कोई खास इंतजाम नहीं किया गया है। इसके चलते उनकी मुश्किलें आसान नहीं होती नजर आ रही हैं।
जिले से कांवरियों का जत्था निकला शुरू हो गया है। शुक्रवार को प्रगतिपुरम से 50 कांवरियों का जत्था नाचते-झूमते निकला। शहर के सभी प्रमुख बाजारों से होकर कांवरियां निकले। जत्थे में शामिल आशीष यादव, चंदन, ननकऊ मोदनवाल, शिवम, आदित्य, मनबोध पांडेय, उदय सिंह, राहुल, शिवकुमार का कहना है कि यहां से इलाहाबाद जाएंगे।
गंगा जल भरकर प्रतापगढ़ जिले के घुसमेश्वरनाथ मंदिर में जलाभिषेक करेंगे। इसी तरह ऊंचाहार ब्लॉक के पूरे बनिया मजरे पचखरा से 22 लोगों का जत्था बाबा बैजनाथ धाम के लिए रवाना हुआ। दिनेश कुमार, बनवारीलाल, सुनील कुमार, इंद्रपाल, अमरजीत, रघुनाथ, विनोद, जितेंद्र, मोहन ने बताया कि सुल्तानगंज में गंगाजल भरकर बाबा बैजनाथ में जलाभिषेक करेंगे।
जिले के शिवमंदिरों में जलाभिषेक के लिए तैयारी पूरी कर ली गई है। शहर के प्रसिद्ध जगमोहनेश्वर शिव मंदिर और डिग्री कॉलेज चौराहा स्थित पहलवान वीर बाबा मंदिर में हर साल कांवरियों का जत्था जलाभिषेक के लिए आता है। डलमऊ, सरेनी, ऊंचाहार से गंगाजल भरकर काफी संख्या में भक्त नंगे पैर ही 30 से 40 किमी दूरी तय करते हैं। इसके चलते इन मंदिरों में काफी भीड़ रहती है।
पुलिस अधिक्षक विनय यादव ने बताया कि कावरियों के सुरक्षा को लेकर पूरे इंतजाम कर लिए गए हैं। सभी थानाध्यक्षों को व्यवस्था चुस्त-दुरुस्त रखने के निर्देश भी दिए गए हैं। इस दौरान कोई असुविधा न हो, इसका पूरा ख्याल रखा जाएगा।