डलमऊ (रायबरेली)। मातम के बीच गांव में जब खुशियों की शहनाई बजी तो हर कोई गमगीन हो गया। हादसे में जान गंवाने वाले मां-बाप के अंतिम संस्कार के बाद बेटा दुल्हन लेने बारात लेकर पहुंचा।
क्या नाते-रिश्तेदार, परिवारीजन और ग्रामीण इस घटना से हतप्रद हैं। हर कोई यही कह रहा है कि इस परिवार की क्या खता थी, जिस वजह से उसे यह दिन देखने को मिल रहा है।
डलमऊ कोतवाली क्षेत्र के खपराताल मजरे डलमऊ गांव निवासी रामनारायण (50) उसकी पत्नी कुसुमा देवी और भांजा अरुण कुमार (30) बुधवार को एक ही बाइक पर सवार होकर मऊ गांव जा रहे थे। इसी दौरान ट्रक की टक्कर से दंपती की मौत हो गई थी, जबकि उसका भांजा घायल हो गया था।
राज नारायण के बड़े पुत्र बाबू (30) की शादी 21 फरवरी को थी। घर में हंसी खुशी का माहौल था। सारे नातेदार-रिश्ते बारात जाने की तैयारी कर रहे थे। घर में हंसी-खुशी का माहौल था।
शादी की रसमें चल रही थीं। बाबू के माता-पिता पुत्र को दूल्हे के रूप में देखने के लिए बेचैन थे। शादी के माहौल में अचानक कुछ जरूरी सामान की आवश्यकता पड़ गई, जिसे लेने के लिए राजनारायण अपनी पत्नी कुसुम देवी को लेकर अपने भांजे अरुण कुमार की बाइक से मुराई बाग जा रहे थे, लेकिन ट्रक की टक्कर लगने से दंपती की मौत हो गई।
देखते ही देखते खुशी का माहौल मातम में छा गया। पूरा परिवार फफक फफक कर रो रहा था। शादी की खुशियां मातम में बदल चुकी थीं। गुरुवार को पूरे गांव का माहौल गमगीन दिखा। पहले बेटे ने माता-पिता के शवों का अंतिम संस्कार डलमऊ घाट पर किया गया। इसके बाद दुल्हन लाने के लिए बारात लेकर गया।
चचेरी बहन समेत दो घायल
डलमऊ। दंपती के अंतिम संस्कार में शामिल होने पहुंचीं महिला और किशोरी घायल हो गईं। दोनों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
खपराताल मजरे डलमऊ गांव निवासी रामनारायण व उसकी पत्नी कुसुमा देवी की हादसे में मौत हो गई थी। दंपती के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए मृतक रामनारायण की चचेरी बहन ज्ञानवती पत्नी घुरई निवासी मझरिया अटौरी गांव आई थी। शाम को मृतक के परिवार की किशोरी निराशा साइकिल पर बैठाकर ज्ञानवती को सड़क पर छोड़ने गई थी। कनहा गांव के पास पिकअप की टक्कर से दोनों घायल हो गई।