रायबरेली। किसानों की फसलों के लिए आफत बने आवारा पशुओं के लिए गांव स्तर पर बंदोबस्त की तैयारी है। जिले की 989 ग्राम पंचायतों में पशुओं के लिए अस्थायी आश्रय स्थल बनवाने के आदेश दिए गए हैं।
मनरेगा, जिला पंचायत राज विभाग सहित अन्य विभागों के माध्यम से काम को पूरा कराया जाएगा। आश्रय स्थल में रहने वाले पशुओं के लिए चारे-पानी की व्यवस्था के लिए ग्राम पंचायत स्तर पर समिति के गठन के आदेश दिए गए हैं। ग्राम पंचायतों के अलावा गांव के लोग भी भूसा आदि की व्यवस्था कर सकेंगें।
गांवों और खेतों में घूम रहे आवारा पशु किसानों की फसलों के दुश्मन बने हुए हैं। पहले धान की फसलों को नुकसान पहुंचाया गया था, और अब गेहूं की फसल को पशु नुकसान पहुंचा रहे हैं।
इससे किसानों को नुकसान का सामना करना पड़ रहा है। शासन स्तर पर किसानों की समस्याएं पहुंचने के बाद सरकार ने हर गांव में अस्थायी पशु आश्रय स्थल बनाने के निर्देश दिए हैं।
शासन की मंशा पर डीपीआरओ ने सभी खंड विकास अधिकारियों को पत्र जारी करके जिन गांवों में जमीन की व्यवस्था है, उन गांवों में अस्थायी पशु आश्रय स्थल बनवाने के निर्देश दिए हैं। शासन स्तर से आई गाइडलाइन भी खंड विकास अधिकारियों को उपलब्ध कराई गई है।