रायबरेली आईटीआई परिसर में मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह कार्यक्रम में वर-वधू को आशीर्वाद देते प्रभ?
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रायबरेली। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाद योजना के तहत मंगलवार को आईटीआई कैंपस में 191 जोड़ों ने साथ जीने मरने की कसमें खाई। इसमें 181 जोड़ों ने सात फेरे लिए। वहीं 10 मुस्लिम जोड़ों का निकाह हुआ। प्रदेश के स्टांप न्यायालय शुल्क पंजीयन एवं नागरिक उड्डयन मंत्री व जिले प्रभारी मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी, विधायक राम नरेश रावत, डीएम नेहा शर्मा, एसपी सुनील कुमार सिंह सहित अधिकारियों ने दूल्हा- दुल्हन को आशीर्वाद दिया। गायत्री परिवार व मौलवी ने विधि-विधान से विवाह व निकाह संपन्न कराया। प्रभारी मंत्री ने सभी कन्याओं को 501-501 रुपये का शगुन भी दिया।
प्रभारी मंत्री ने कहा कि कन्याओं के खातों में 35-35 हजार रुपये भेज जाएंगे। इसके अलावा 10-10 हजार रुपये का सामान भी दिया जा रहा है। 191 जोड़ों की शादी के लिए 97 लाख से अधिक की धनराशि व्यय की गई है। कहा कि गरीब कन्याओं की शादी कराना प्रदेश सरकार की प्राथमिकता है। इसीलिए सरकार सामूहिक विवाह कार्यक्रम करा रही है। इसका लाभ जिले के सभी गरीबों को देने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि ब्लॉकों पर नगर पंचायतों में पंजीयन कराकर सामूहिक शादी में शामिल हो सकते हैं।
डीएम नेहा शर्मा ने कहा कि प्रदेश सरकार समाज के अंतिम छोर पर बैठे वंचित गरीब, निर्धन व्यक्तियों को आगे बढ़ाने का काम कर रही है। सामूहिक विवाह भी गरीबों के सम्मान से जुड़ा एक कार्यक्रम है। उन्होंने कहा कि इसी सप्ताह बेटियों के खातों में 35-35 हजार रुपये पहुंच जाएंगे। इसके लिए उन्होंने समाज कल्याण अधिकारी को प्रक्रिया पूरी कराने के निर्देश दिए।
आचार्य मनोराम शुक्ला, बीबी सिंह, आरसी श्रीवास्तव, केके बाजपेयी आदि ने ब्याह कराया। शादी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद दुल्हन अपनी ससुराल के लिए विदा हो गईं। इस दौरान उन्होंने सेल्फी प्वांइट पर मंत्री, डीएम व अन्य अधिकारियों ने दंपती लवकुश व नीतू के साथ फोटो खिंचाई। इस मौके पर सीडीओ राकेश कुमार एडीएम डॉ. राजेश कुमार प्रजापति, एसडीएम सदर शशांक त्रिपाठी, नगर मजिस्ट्रेट जयचंद्र पांडेय, डीसी मनरेगा पवन कुमार सिंह, समाज कल्याण अधिकारी आरसी दुबे, सूरज मौर्या, डीडीओ एके वैश्य आदि ने भी वर वधू को आशीर्वाद दिया।