चश्मे व भोजन के पौने दो करोड़ के टेंडर निरस्त
रायबरेली। स्वास्थ्य विभाग में पौने दो करोड़ की टेंडर प्रक्रिया निरस्त कर दी गई है। इस प्रक्रिया के रुकने के बाद नेत्र रोगियों को चश्मे और अस्पतालों में प्रसूताओं को भोजन देने की व्यवस्था प्रभावित हो सकती है। इसके अलावा विभिन्न प्रचार सामग्री व अन्य कार्यों के लिए छपने वाली सामग्री भी विभाग को नहीं मिल पाएगी। विभागीय सूत्रों का कहना है कि आवेदन में मानक पूरे न होने के कारण टेंडर प्रक्रिया को निरस्त किया गया है। अब नए सिरे से टेंडर प्रक्रिया शुरू होगी।
शासन से ई-टेंडरिंग की प्रक्रिया शुरू होने के कारण स्वास्थ्य विभाग में अब तक कई कार्यक्रमों और योजनाओं के लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी है। नेत्र रोगियों में चश्मे के साथ ही प्रसूताओं को भोजन उपलब्ध कराने के साथ ही विभिन्न सामग्री की प्रचार सामग्री के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू की गई है। आधा दर्जन से अधिक लोगों ने ई-टेंडर के माध्यम से आवेदन किया। विभागीय सूत्रों का कहना है कि आवेदनों को चेक किया गया तो पता चला कि एक भी आवेदक ने मानक को पूरा नहीं किया। चर्चा यह भी है कि अपने चहेतों को टेंडर न दे पाने के कारण प्रक्रिया को निरस्त किया गया है।
टेंडर प्रक्रिया में करीब 5 लाख कीमत के चश्मों की आपूर्ति होनी है। इसके लिए प्रसूताआें को भोजन देने के लिए 75 लाख और एक करोड़ से अधिक लागत की छपाई काम प्रभावित हो सकता है। सीएमओ ने अब नए सिरे से टेंडर प्रक्रिया शुरू कराने के आदेश दिए हैं।
पुराने ठेकेदार ही करते रहेंगे काम
जब तक टेेंडर प्रक्रिया पूरी कर नए ठेकेदारों का चयन नहीं हो पाएगा, तब तक पुराने ठेकेदारों को ही आदेश जारी करके काम लिया जाएगा। हालांकि विभाग में ई-टेंडरिंग न हो पाने के कारण पहले से ही पुराने ठेकेदारों ने अन्य सभी प्रकार के कार्य लिए जा रहे हैं।
चश्मे, भोजन और छपाई कार्य के लिए टेंडर निकाले गए थे। कई लोगों ने ई-टेंडर के माध्यम से टेंडर डाले, लेकिन किसी ने भी मानक को पूरा नहीं किया है। ऐसी स्थिति में टेंडर प्रक्रिया को निरस्त कर नए सिरे से टेंडर कराने का निर्णय लिया गया है। जो ठेकेदार काम कर रहे हैं, उन्हीं से काम लिया जाएगा।- डॉ. डीके सिंह, सीएमओ