शिक्षकों ने भरी हुंकार, सरकार को कोसा
रायबरेली। प्रांतीय आह्वान पर उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ की अगुवाई में शिक्षकों ने मंगलवार को विकास भवन में दो दिवसीय धरना शुरू किया। इस दौरान सभी ने अपनी मांगों को लेकर आवाज उठाई और सरकार को कोसा। संघ के जिलाध्यक्ष दिनेश बहादुर सिंह ने कहा कि दूरस्थ जनपदों में शिक्षकों को उनके गृह जनपद में अंतर जनपदीय स्थानांतरण के लिए निर्धारित अवधि पांच वर्ष से घटाकर एक वर्ष की जाए। महानगर-नगर क्षेत्र में अध्यापकों की भारी संख्या में कमी है। नगरीय क्षेत्रों में भी शिक्षकों की भर्ती की जाए। ऐसा न होने पर आंदोलन जल्द शुरू किया जाएगा।
वरिष्ठ उपाध्यक्ष महेंद्रय यादव, जिला कोषाध्यक्ष आशुतोष शुक्ला, जिला मंत्री मुकेश चंद्र द्विवेदी ने कहा कि शिक्षकों की मांगों को अक्सर अनदेखा किया जाता है, जो ठीक नहीं है। उनकी 16 सूत्री मांगे हैं, जिस पर विचार नहीं किया जा रहा है। जल्द इन मांगों को पूरा नहीं किया गया तो पठन-पाठन का कार्य बंद करके धरना दिया जाएगा। धरने के बाद डीएम के माध्यम से मुख्यमंत्री को मांगों का ज्ञापन सौंपा। इस मौके पर सुधीर द्विवेदी, भारतलाल, लोकतंत्र शुक्ला, सत्येश सिंह, श्रीकांत शुक्ला, बृजेंद्रशरण श्रीवास्तव, राजेश कुमार शुक्ला, पवन कुमार आदि मौजूद रहे।
लेखाधिकारी के खिलाफ भी खोला मोर्चा
रायबरेली। शिक्षकों की ओर से धरने में बीएसए कार्यालय में तैनात वित्त एवं लेखाधिकारी के खिलाफ भी मोर्चा खोल दिया गया। अध्यक्ष दिनेश बहादुर सिंह ने बताया कि लेखाधिकारी की कार्यशैली ठीक नहीं है। साथ ही हम लोगों का भुगतान भी समय नहीं किया जाता। इस पर लेखाधिकारी के खिलाफ मोर्चा खोला गया। उन्होंने बताया कि शिक्षकों के आक्रोश की वजह से वित्त एवं लेखाधिकारी ने उनका वेतन का तत्काल भुगतान कर दिया। साथ ही कार्यशैली ठीक रखने की बात कही। उन्होंने बताया कि प्रांतीय आह्वान पर अन्य 16 सूत्री मांगों को लेकर बुधवार को भी धरना प्रदर्शन किया जाएगा।