गढ़ी माइनर कटी, 600 बीघे गेहूं की फसल डूबी
अमावां (रायबरेली)। ब्लॉक क्षेत्र से होकर निकली गढ़ी माइनर सोमवार रात कट गई, जिससे करीब 600 बीघे से गेहूं की फसल डूब गई। मंगलवार सुबह जब किसान खेतों की तरफ गए तो बोई फसल पानी से लबालब भरे मिले। किसानों ने माइनर की कटान को बांधने का प्रयास किया, लेकिन सफलता नहीं मिली। खास बात यह है कि यह नहर किस खंड में हैं। इसकी जानकारी विभागीय अभियंताओं को नहीं है। यही वजह है कि किसानों के शिकायत करने के बाद भी कोई मौके पर नहीं पहुंचा है।
शारदा सहायक नहर से निकली गढ़ी माइनर से अमावां ब्लॉक के करीब 12 गांव के किसान सिंचाई करते हैं। दो दिन पहले माइनर में पानी छोड़ा गया। गढ़ी गांव के निकट सोमवार रात माइनर कटने से आसपास के करीब 600 बीघे खेतों में बोई गेहूं की फसल जलमग्न हो गई। मंगलवार सुबह जब किसान खेतों की तरफ गए तो खेत पानी से लबालब भरे मिले। किसानों ने नहर की कटान को बांधने का प्रयास किया, लेकिन पानी के बहाव से खांदी होने से वह नहर को बांधने में सफल नहीं हो सके। किसान मुन्नी श्रीवास्तव, अहोरीलाल, कुंज बिहारी, रामबाबू, राजाराम, रोहित, दिनेश श्रीवास्तव, अनिल श्रीवास्तव, जितेंद्र मौर्या, राजाराम मौर्या ने बताया कि नहर कटने की जानकारी सिंचाई विभाग के अधिकारियों को दी गई, लेकिन अब तक कोई मौके पर नहीं पहुंचा है।
... आखिर किस खंड की है नहर
अमावां ब्लॉक क्षेत्र की गढ़ी माइनर में कटान के बारे में सिंचाई विभाग के अभियंता अनभिज्ञता जता रहे हैं। अभियंता एक-दूसरे के खंड में नहर के होने की बात कह रहे हैं। सिंचाई खंड 28 के अधिशासी अभियंता संजय मिश्रा ने बताया कि नहर में कटान की कोई जानकारी नहीं है। गढ़ी माइनर सिंचाई खंड दक्षिणी में है। वहीं, सिंचाई खंड दक्षिणी के अधिशासी अभियंता सिद्धार्थ कुमार ने बताया कि यह माइनर खंड 28 के अंतर्गत आती है। इसकी जानकारी संबंधित खंड को दी गई है।