हादसे की न्यायिक जांच और पीड़ितों को मिले उचित मुआवजा: राहुल
रायबरेली। कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने गुरुवार को एनपीटीसी ऊंचाहार में हुए हादसे में झुलसे श्रमिकों से मुलाकात कर उनसे हादसे की जानकारी हासिल की। साथ ही पोस्टमार्टम हाऊस पहुंचकर मृतक श्रमिकों के परिवारीजनों से मुलाकात की। राहुल ने उनके आंसू पोंछे और दुख की इस घड़ी मे साथ होने की बात कही। अमेठी सांसद ने कहा कि हादसे की न्यायिक जांच कराई जाए और पीड़ित परिवारों को उचित मुआवजा मिले।
ऊंचाहार स्थित नेशनल थर्मल पावर कार्पोरेशन (एनटीपीसी) के 500 मेगावाट यूनिट नंबर छह का बॉयलर फटने के बाद हुए दर्दनाक हादसे की सूचना पर कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी रायबरेली पहुंचे। राहुल गांधी सबसे पहले जगदीशपुर गांव स्थित पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे। यहां राहुल को देखते ही श्रमिकों के परिवारीजनों के आंसू छलक पड़े। राहुल ने सबको ढांढस बंधाया। इसके बाद राहुल गांधी जिला अस्पताल, सिमहैंस हॉस्पिटल, निर्मल हॉस्पिटल में भर्ती श्रमिकों से मुलाकात की। हादसा कैसे हुआ, इस बारे में जानकारी की। इसके बाद एनटीपीसी ऊंचाहार अस्पताल में भर्ती श्रमिकों से मुलाकात की। राहुल ने प्लांट के अंदर जाकर जायजा लिया। कांग्रेस जिलाध्यक्ष वीके शुक्ला ने बताया कि राहुल गांधी ने हादसे की न्यायिक जांच और पीड़ित परिवारों को उचित मुआवजा की मांग की है।
एनडीआरएफ टीम के सदस्यों से मिलाया हाथ
अमेठी सांसद राहुल गांधी ने एनपीटीसी प्लांट के अंदर जाकर न सिर्फ घटनास्थल का बारीकी से जायजा लिया, बल्कि बचाव राहत कार्य में जुटे एनडीआरएफ के सदस्यों से हाथ मिलाया। उनकी हौसलाअफजाई की। टीम के सदस्यों ने राहुल को बताया कि वे पूरी तन्मयता के साथ बचाव व राहत कार्य में जुटे हैं।
राहुल के साथ राजबब्बर व गुलाम नबी आजाद भी पहुंचे
अमेठी सांसद राहुल गांधी के साथ ही कांग्रेस के बड़े दिग्गज नेता भी एनटीपीसी ऊंचाहार पहुंचे। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष राजबब्बर, यूपी प्रभारी गुलाम नबी आजाद, राज्यसभा सांसद प्रमोद तिवारी ने झुलसे श्रमिकों से मुलाकात की।
राहुल गांधी मुर्दाबाद के लगाए नारे
अमेठी सांसद राहुल गांधी जैसे ही एनपीटीसी ऊंचाहार प्लांट पहुंचे वैसे ही वहां पर मौजूद कुछ लोग राहुल गांधी मुर्दाबाद के नारे लगाने लगे। हालांकि राहुल का काफिला नहीं रुका। राहुल सीधे प्लांट के अंदर चले गए। इस पर कुछ कांग्रेसी वहां पर पहुंचे और नारेबाजी कर रहे लोगों को शांत कराया। लोगों का कहना था कि एनपीटीसी के अफसरोें की लापरवाही से हादसा हुआ है। यहां पर कार्य करने वाले श्रमिकों के साथ मनमानी की जाती है। जनप्रतिनिधियों से शिकायत की गई, पर ध्यान नहीं दिया गया।