रायबरेली। कोर्ट ने दहेज की मांग पूरी न होने पर पत्नी की हत्या करने वाले पति को 10 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है।
साथ ही उस पर 10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। यह फैसला एफ टीसी प्रथम के अपर सत्र न्यायाधीश इफ राक अहमद ने बुधवार को सुनाया।
अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी करने वाले एडीजीसी (क्रिमिनल) गिरिजेश कुमार सिंह के मुताबिक लखनऊ जिले के थाना निगोहां क्षेत्र के नटौली निवासी श्यामलाल ने थाना बछरावां में चार जुलाई 2013 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
रिपोर्ट के अनुसार वादी की बेटी बबली की शादी घटना से करीब चार साल पहले बछरावां थाना क्षेत्र के लालखेड़ा मजरे सेंहगो पश्चिम निवासी शिव कुमार के साथ हुई थी।
दहेज की मांग को लेकर बेटी को उसका पति प्रताड़ित करता था। चार जुलाई 2013 को बबली की हत्या होने की सूचना पर वादी जब उसकी ससुराल पहुंचा तो वहां बेटी की लाश मिली।
पुलिस ने विवेचना के बाद पति शिवकुमार के खिलाफ चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की। कोर्ट ने दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्य के आधार पर अभियुक्त पति को सजा सुनाई।