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आरजीआईपीटी में 175 छात्र-छात्राओं को मिली उपाधि

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175 छात्र-छात्राओं को मिली उपाधि
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रायबरेली। राजीव गांधी पेट्रोलियम प्रौद्योगिकी संस्थान (आरजीआईपीटी) में सोमवार को द्वितीय दीक्षांत समारोह में छात्र-छात्राओं को उपाधि प्रदान की गई तो उनके चेहरे खुशी से चहक उठे। मुख्य अतिथि अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद के अध्यक्ष प्रो. अनिल दश्रात्रेय सहस्रबुद्धे, संचालक मंडल (आरजीआईपीटी) के सभापति प्रो. केबी अखिलेश और आरजीआईपीटी के निदेशक प्रो. पीके भट्टाचार्या ने छात्र-छात्राओं को उपाधि प्रदान की। इन लोगों ने दीप प्रज्ज्वलित कर समारोह की शुभारंभ किया। बीटेक व एमटेक पेट्रोलियम व केमिकल इंजीनियरिंग, एमबीए एवं पीएचडी के 2016 एवं 2017 बैच के 175 छात्र-छात्राओं को उपाधि दी गई।
अकादमिक उत्कृष्टता के लिए बीटेक पेट्रोलियम इंजीनियरिंग की आकांक्षा मिश्रा एवं बीटेक केमिकल इंजीनियरिंग के सुमित वर्मा को स्वर्ण पदक एवं तनुश्री अग्रवाल (बीटेक केमिकल इंजीनियरिंग 2016), अभय सिंह यादव (एमटेक पेट्रोलियम इंजीनियरिंग 2016), विजय कुमार पुरोहित (एमटेक केमिकल इंजीनियरिंग), दीपक वर्गीज (एमबीए 2016), शुभम गुप्ता (बीटेक पेट्रोलियम इंजीनियरिंग 2017) एवं ऋषिराज गोस्वामी (एमटेक पेट्रोलियम इंजीनियरिंग 2017) को रजत पदक से नवाजा गया। इस मौके पर संचालक मंडल के सदस्य डॉ. पीके सिंह (निदेशक-सीएसआईआर) एवं सीनेट सदस्य प्रो. चिरंजीव भट्टाचार्जी (प्रोफेसर- जादवपुर विश्वविद्यालय) भी उपस्थित थे।
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मुख्य अतिथि प्रो. अनिल दश्रात्रेय सहस्रबुद्धे ने कहा कि छात्र-छात्राओं को नियमित रूप से कड़ी मेहनत के जरिए अपनी अभिलाषाओं को कार्यरूप में बदलने के लिए प्रयास करते रहना चाहिए। अच्छा प्रदर्शन लोगों को सामाजिक स्वीकृति दिलाती है। सामाजिक स्वीकृति से सम्मान प्राप्त होता है और उससे शासकीय अधिकार मिलते हैं। इसलिए युवाओं को याद रखना चाहिए कि देश को कड़ी मेहनत, उम्दा प्रदर्शन एवं नवाचार के माध्यम से ही शक्तिशाली राष्ट्र बनाया जा सकता है। उन्होंने विश्वस्तरीय शिक्षण संस्थान की जरूरत पर कहा कि बड़ी अभिलाषा एवं सकारात्मक माहौल देश में ऐसे संस्थान की नींव डाल सकता है, जो आगे चलकर एक अनोखी उत्कृष्टता प्राप्त कर सकता है, लेकिन इन सबके लिए जरूरी है कि देश के उद्योग जगत आगे आएं। सभापति प्रो. केबी अखिलेश ने आगंतुकों का स्वागत करने के बाद कहा कि युवाओं को कुछ नया एवं उपयोगी कार्य करने के लिए हमेशा उत्सुक रहना चाहिए।
निदेशक प्रो. पीके भट्टाचार्या ने संस्थान का प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि देश के अधिक से अधिक युवाओं को ऊर्जा उद्योग में कार्य करने का मौका उपलब्ध कराने के उद्देश्य से बीटेक एवं एमटेक में सीटें बढ़ाकर क्रमश: 120 एवं 20 कर दी गई हैं। राजीव गांधी पेट्रोलियम प्रौद्योगिकी संस्थान की स्थापना 2008 में संसद के अधिनियम के अधीन राष्ट्रीय महत्व के एक संस्थान के रूप में पेट्रोलियम व प्राकृतिक गैस मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा किया गया था।
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देश को आगे बढ़ाने का सपना संजोए मेधावी
रायबरेली। राजीव गांधी पेट्रोलियम प्रौद्योगिकी संस्थान में उपाधि पाने वाले मेधावी छात्र-छात्राओं का सपना देश को आगे बढ़ाने का है। रूपाली ने कहा कि वह देश का नाम रोशन करना चाहती है। तनुश्री बोली कि उसे माता-पिता के सपनों को पूरा करना है। आकांक्षा का कहना है कि पेट्रोलियम के क्षेत्र में देश को आगे बढ़ाना है। अखिला ने कहा कि देश का नाम विश्व में रोशन करना है। इसी वजह से यहां पढ़ाई पूरी की है। अपूर्व गुप्ता ने कहा कि रसायन के क्षेत्र में भारत को नई दिशा की ओर ले जाना है। शुभम पांडेय ने कहा कि उसका सपना है कि इंस्टीट्यूट के साथ ही प्रदेश व देश का नाम भी रोशन हो। हरीश अंसार खान ने कहा कि पेट्रोलियम के क्षेत्र में कुछ ऐसा करना है, जिससे दुनिया में भारत की अलग पहचान कायम हो। राहिल खान ने कहा कि माता-पिता के सपनों को पूरा करना और उनके विश्वास को नया आयाम देना है। अमित ने कहा कि विश्व में भारत को एक अलग पहचान दिलाना है। भारत किसी भी क्षेत्र में किसी से पीछे नहीं है, यह साबित भी करना है।
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