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16 तो कहीं 20 घंटे गुल रही बिजली, दो लाख आबादी बेहाल

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रायबरेली। पॉवर कॉर्पोरेशन के अभियंताओं और कर्मचारियों के कार्य बहिष्कार के दूसरे दिन मंगलवार को बिजली आपूर्ति चरमरा गई। बेपटरी आपूर्ति से महराजगंज और सतांव ब्लॉक क्षेत्र के सैकड़ों गांव के दो लाख से ज्यादा लोग न सिर्फ सोमवार रातभर अंधेरे में रहे। बल्कि मंगलवार को भी दिन भर बिना बिजली के बेहाल दिखे। जानकारी मिलने पर डीएम वैभव श्रीवास्तव और एसपी श्लोक कुमार ने महराजगंज पहुंचकर पॉवर कॉर्पोरेशन का काम देख रहे लोगों की फटकार लगाई और काफी मशक्कत के बाद आपूर्ति शुरू कराई। सतांव ब्लॉक के अटौरा विद्युत उपकेंद्र से जुड़े गांव के लोगों को खबर लिखे जाने तक बिजली नहीं मिली पाई थी।
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पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम के निजीकरण के विरोध में पॉवर कॉर्पोरेशन के अभियंताओं और कर्मचारियों ने सोमवार से कामकाज ठप कर दिया। इससे बिजली आपूर्ति बेपटरी हो गई है। त्रिपुला ट्रांसमिशन से निकली अटौरा विद्युत उपकेंद्र की लाइन में फाल्ट आने से सुल्तानपुर खेड़ा, अटौरा, देदौर, किलौली, बरउा, हाजीपुर, जैतीपुर, सहजादपुर समेत करीब 200 से ज्यादा गांव की बत्ती गुल हो गई। सोमवार रात 10 बजे गई बिजली मंगलवार देर शाम तक नहीं आई। इससे करीब एक लाख लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। किसान धान की सिंचाई नहीं कर पा रहे। करीब 50 छोटे-बड़े कारखाने बंद हो गए। उपभोक्ता रामेश्वर, रामजियावन, शंकरदीन, रामउजेर, रामदीन ने बताया कि अभियंताओं को फोन किया तो किसी का फोन नहीं उठा। उपकेंद्र से भी सही जानकारी नहीं मिली कि कब तक बिजली आएगी। यहां 20 घंटे से ज्यादा समय से बिजली आपूर्ति बंद है।
महराजगंज विद्युत उपकेंद्र से निकले सभी फीडर सोमवार रात आठ बजे ठप हो गए। कर्मचारियों ने बताया कि तकनीकी खराबी के चलते फीडर बंद हुए हैं। इससे इससे 200 से ज्यादा गांवों में सोमवार रातभर और मंगलवार पूरा दिन बिजली नहीं आई। बिजली न आने से एक लाख से ज्यादा लोग परेशान रहे। मामला संपूर्ण समाधान दिवस के मौके पर यहां तहसील आए जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव और एसपी श्लोक कुमार के संज्ञान में आया तो डीएम-एसपी ने खुद मोर्चा संभाला और महराजगंज ग्रामीण विद्युत उपकेंद्र के अलावा जिहवा पॉवर हाउस पहुंचे।
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विद्युत कर्मियों की फटकार लगाई। विद्युत कर्मियों ने बताया कि फाल्ट की वजह से आपूर्ति ठप है। शटडाउन न मिलने की वजह से फाल्ट ठीक नहीं कराया जा रहा है। इस पर डीएम ने एसडीएम महराजगंज को उपकेंद्रों पर मौजूद रहकर संविदा कर्मियों को शटडाउन दिलाकर फाल्ट ठीक होने तक मौजूद रहने के निर्देश दिए। इसके बाद एसडीएम विद्युत आपूर्ति बहाल होने तक उपकेंद्र पर जमे रहे। इस तरह 16 घंटे विद्युत गुल रहने के बाद डीएम और एसपी के हस्तक्षेप पर मंगलवार अपराह्न करीब तीन बजे आपूर्ति शुरू हो सकी।
कार्य बहिष्कार की वजह से नए कनेक्शन का काम ठप है। नए कनेक्शन के लिए ऑनलाइन आवेदन किए जाने है। एक से 20 किलोवाट तक झटपट पोर्टल पर आवेदन किए जाते हैं। जबकि 21 किलोवाट से ऊपर के आवेदन निवेश मित्रा पर आवेदन किए जाते हैं। पोर्टल तो चल रहे हैं, लेकिन इस पर अभियंता कोई काम नहीं कर रहे है। जिले भर में लगभग 300 से ज्यादा आवेदन हो गए हैं, लेकिन कार्य बहिष्कार के चलते अब तक इस पर कोई कार्रवाई नहीं हो पाई है।
अभियंताओं की हड़ताल की वजह से उपभोक्ताओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जगतपुर उपखंड कार्यालय जगतपुर में बिल संशोधन कराने के लिए आए उपभोक्ताओं को बैरंग लौटना पड़ा। इससे लोगों में नाराजगी रही। विद्युत उपकेंद्र जगतपुर से करीब 17 हजार उपभोक्ताओं को बिजली आपूर्ति होती है। बिजली की ट्रिपिंग की समस्या से लोगों को जूझना पड़ा। वहीं राम भरोसे, मनोज, राम शंकर, आशीष, प्रेमा देवी, गंगा देवी आदि उपभोक्ता बिजली बिल में आई खामियों को ठीक कराना था, लेकिन अभियंताओं के नहीं होने से लोगों को वापस लौटना पड़ा।
विद्युत उपकेंद्र बछरावां से निकला टाउन फीडर का अंडरग्राउंड केबल मंगलवार को जल गया। इससे पूरे कस्बे की बत्ती गुल हो गई। काफी देर तक बिजली नहीं आई तो नागरिक उपकेंद्र पहुंच गए। संविदा कर्मियों ने बताया कि एचटी केबल जल गया है। इसकी मरम्मत जेई अजय कुमार सैनी करवाते हैं, जो हड़ताल पर हैं। इसके चलते एचटी केबल नहीं बन पा रहा है। केबल जलने की जानकारी उच्च अधिकारियों को भी दे दी गई है। बिजली गुल होने से आशु बाजपेयी, शशांक शुक्ला, सुभाष वर्मा, संतोष आर्यन ने नाराजगी जताई। सभी ने डीएम से बिजली आपूर्ति शुरू कराए जाने की मांग की है।
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