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आज रक्तदान करके बने महादानी

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आइए, आज रक्तदान कर बनें महादानी
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रायबरेली। विश्व रक्तदाता दिवस के अवसर पर 14 जून को ‘अमर उजाला फाउंडेशन’ की ओर से जिला अस्पताल के ब्लड बैंक में स्वैच्छिक रक्तदान शिविर लगेगा।

जिला अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. एनके श्रीवास्तव सुबह 9 बजे आयोजित स्वैच्छिक रक्तदान शिविर का शुभारंभ करेंगे। ऐसे में लोग रक्तदान करके महादानी बन सकते हैं।

रक्तदान के लिए गुरुवार को भी लोगों ने बड़ी संख्या में पंजीकरण कराया। महादानी बनने वाले लोगों को अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से मौके पर प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया जाएगा।
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शिविर में रक्तदान करने के लिए इच्छुक लोग शुक्रवार को भी पंजीकरण करा सकेंगे। जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. एनके श्रीवास्तव का कहना है कि खून की कमी से लोगों की मौत हो जाती है।

लोगों की जान बचाने की दिशा में ‘अमर उजाला’ का यह कदम सराहनीय है। उनका कहना है कि लोग बड़ी संख्या में ब्लड बैंक पहुंचकर रक्तदान करें। रक्तदान करने से किसी तरह का कोई शारीरिक नुकसान नहीं होता है।

किसी को भी रक्तदान करने में दिक्कत नहीं होती है। ब्लड बैंक प्रभारी राघवेंद्र सिंह का कहना है कि अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से लगने वाले स्वैच्छिक रक्तदान शिविर की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।

राजकीय कॉलोनी की रहने वाली साधना शर्मा कहती हैं कि अबतक चार बार रक्तदान कर चुकी हूं। जब भी किसी को जरूरत पड़ती है तो हम रक्तदान के लिए कभी पीछे नहीं हटती। रक्तदान सबको करना चाहिए। एक व्यक्ति को रक्तदान करना एक पुण्य कार्य है।

हनुमंतपुरम की रहने वाली वंदना श्रीवास्तव कहती हैं कि अब तक पांच बार रक्तदान कर चुकी हैं। रक्तदान करके किसी के जीवन को बचाना मुझे बहुत अच्छा लगता है। नेक काम में दिल से करती हूं। साथ ही मेरे पति भी रक्तदान देने में खुशी महसूस करते हैं।

शहर के इंदिरा नगर निवासी एवं शिक्षक-लीडर ट्रेनर स्काउट रूपेश कुमार शुक्ल भी अब तक पांच बार रक्तदान कर चुके हैं। पूर्व माध्यमिक विद्यालय ऐहारी बुजुर्ग में तैनात रूपेश कहते हैं कि रक्तदान करने से चार जिंदगी बचाई जा सकती हैं। इसलिए सबको रक्तदान करना चाहिए।

अमावां ब्लॉक क्षेत्र के गढ़ी खास के रहने वाले एवं शिक्षक शिवशरन सिंह अब तक 43 बार रक्तदान कर चुके हैं। गुरुवार को फिर वह रक्तदान करेंगे। शिवशरन कहते हैं कि रक्तदान करके उन्हें अच्छा लगता है। रक्तदान करना सबसे बड़ा पुण्य का कार्य है।
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पुलिस लाइंस में तैनात रेडियो सब इंस्पेक्टर रौबिन कुमार भौमिक वर्ष 1983 से रक्तदान करना शुरू किया। अब तक 121 बार रक्तदान कर चुके हैं। कहते हैं कि मुझे रक्तदान करके अच्छा है।

मेरा बेटा अभिषेक भौमिक भी चार बार रक्तदान कर चुका है। बेटी सृष्टि भौमिक भी रक्तदान करती है तथा अन्य लड़कियों को रक्तदान करने के लिए प्रेरित करती है।
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