रायबरेली। फाइलेरियारोधी दवा के लिए 10 अगस्त से शुरू होने वाले अभियान को लेकर बृहस्पतिवार को सीएमओ कार्यालय में संवेदीकरण कार्यशाला का आयोजन हुआ। सीएमओ डॉ. नवीनचंद्रा ने बताया कि जिले में 15.51 लाख लोगों को दवा खिलाने का लक्ष्य रखा गया है। 11 अगस्त को राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस मनाया जाएगा।
सीएमओ ने कहा कि फाइलेरिया मच्छर के काटने से फैलने वाला एक गंभीर रोग है, जो कई वर्षों तक शरीर में छुपा रहता है। समय से दवा का सेवन न करने से समस्या बढ़ सकती है। बछरावां, बेलाभेला, डीह, हरचंदपुर, जटुआटप्पा, खीरों, महाराजगंज, सलोन समेत 10 ब्लॉकों में यह अभियान चलेगा। जिले में लोगों को दवा खिलाने के लिए 1482 टीमें बनाई गई है। 283 पर्यवेक्षक टीमों के काम पर नजर रखेंगे।
राष्ट्रीय वेक्टर जनित रोग नियंत्रण कार्यक्रम के नोडल अधिकारी डॉ. श्रीकृष्णा ने बताया कि दवा सेवन के बाद हल्का जी मिचलाना, चक्कर आना सामान्य प्रतिक्रिया है। इससे डरने की जरूरत नहीं है। यह शुभ संकेत है कि दवा शरीर में काम कर रही है।
जिला मलेरिया अधिकारी रमेश कुमार यादव ने बताया कि फाइलेरिया के लक्षण 10 से 15 साल बाद सामने आते हैं। तब तक इलाज कठिन हो जाता है, इसलिए अभी दवा खाकर अपने को सुरक्षित कर लें। इस मौके जिला स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी डीएस अस्थाना, डॉ. अशोक कुमार, डीईआईसी मैनेजर नितेश जायसवाल, पूर्णिमा बाजपेयी आदि मौजूद रहे।