रायबरेली। वित्तीय वर्ष समाप्त होने वाला है, लेकिन सिंचाई विभाग में कार्य ही नहीं हो सके हैं। इसके पीछे सबसे बड़ी समस्या अभियंताओं की कमी है। कहीं पुल बनना है तो कहीं पर नहरों को पक्का किया जाता है। इस तरह के 30 कार्य कराए जाने हैं, जिसमें महज पांच कार्यों का इस्टीमेट बनकर तैयार हो सका है। विभागीय अफसर स्टाफ की कमी का रोना रो रहे हैं।
हर साल नहरों के कटने किसानों की सफलें तबाह हो जाती है। इसके बावजूद विभागीय अभियंता कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं। सिंचाई विभाग के ज्यादातर पुलिया व पुल ध्वस्त है। निर्माण कार्य कराया जाना है। सबसे खराब हालत सिंचाई खंड दक्षिणी की है। इस खंड में 1380 किलोमीटर नहरें है। इसकी देखरेख नहीं होने से पटरियां जर्जर है।
पुल भी ध्वस्त है। कई जगह नहरों को पक्का कराया जाना है। लोधवारी, बेलाभेला, बेटा टेकाई में पुलों की मरम्मत का कार्य होना है, लेकिन अब तक इंस्टीमेट ही तैयार नहीं हुए है। इससे सहज ही अंदाजा लगाया जा सका है कि विभागीय अधिकारी कार्य कराने के लिए कितना फिक्रमंद हैं।
इनसेट
सिंचाई खंड दक्षिणी में तैनात अभियंता
पद जरूरत तैनात
एक्सईएन 01 01
सहायक अभियंता 05 03
अवर अभियंता 19 05
कार्यों के तैयार किए जा रहे प्रस्ताव
सिंचाई खंड दक्षिणी में अभियंताओं की कमी होने के चलते कार्यों समय से शुरू करने में विलंब जरूर होता है। इसकी जानकारी भी उच्चाधिकारियों को दी गई है। 30 में पांच कार्यों का इंस्टीमेट तैयार किया गया है। कुछ जगह काम भी शुरू करा दिया गया है।
-सिद्धार्थ कुमार सिंह, एक्सईएन, सिंचाई खंड दक्षिणी