रायबरेली। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में बुधवार स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. वंदना अग्रवाल ने जॉइन करने के साथ ही ओपीडी शुरू कर दी है।
पहले ही दिन महिला रोगियों की भीड़ रही। 30 महिलाओं का इलाज किया। स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. वंदना ने बताया कि नेपाल से एमबीबीएस की पढ़ाई करने के बाद कर्नाटक से एमएस किया है। इसके बाद पीजीआई चंडीगढ़ में काम कर रहे थे।
झारखंड के धनबाद की रहने वालीं डॉ. वंदना ने बताया कि बांझपन का समय से इलाज कराया जाए तो उससे बचा जा सकता है।
साथ ही बच्चेदानी के कैंसर की जांच भी समय रहते हो जाए तो रोगी को दिक्कतों से बचाया जा सकता है। उनका कहना है कि डिलवरी में जबरदस्ती ऑपरेशन नहीं करना चाहिए, क्योंकि इसके भी साइड इफेक्ट हैं।
नार्मल डिलिवरी कराने का प्रयास करना चाहिए। उन्होंने कहा कि यहां वर्तमान समय में ओपीडी ही हो रही है। ऑपरेशन व अन्य जांच के समुचित संसाधन न होने के कारण गंभीर महिला रोगियों रेफर करना पड़ेगा।
हालांकि दवा से रोगों को ठीक करने का पूरा प्रयास किया जाएगा। इससे पहले स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. दर्शन एचवी यहां आए थे। वे पीजीआई चंडीगढ़ वापस हो गए हैं।
अब एम्स में अल्ट्रासाउंड भी
एम्स में बुधवार को दिल्ली से आए इंजीनियर धनंजय कुमार की टीम ने अल्ट्रासाउंड मशीन को इंस्टाल कर दिया है। अब एम्स में यह जांच भी शुरू हो जाएगी।
एम्स के प्रशासनिक अधिकारी समीर शुक्ला ने स्वयं अल्ट्रासाउंड कक्ष में पहुंचकर मशीन को अपने सामने इंस्टाल कराया। उन्होंने बताया कि अल्ट्रासाउंड मशीन लग गई है।
दो दिन में रेडियोलॉजिस्ट के आते ही यह जांच भी शुरू हो जाएगी। उन्होंने बताया कि माइनर ओटी को भी अपडेट कराया जा रहा है। प्रयास किया जा रहा है कि जल्द ही माइनर ओटी भी काम करना शुरू कर देगी।