आवास के अपात्र घोषित 76 गरीबों की जांच
रायबरेली। जिले में प्रधानमंत्री आवासों के लिए अपात्र घोषित किए गए लाभार्थियों की जांच करने के लिए गुरुवार को ग्राम्य विकास विभाग के उपायुक्त अखिलेश कुमार यहां पहुंचे। सीडीओ दफ्तर में संचालित योजनाओं की समीक्षा करके अफसरों के पेंच कसे। समीक्षा के बाद उन्होंने ऊंचाहार ब्लॉक क्षेत्र के अरखा गांव में जांच करने के लिए पहुंचे। आवास के लिए अपात्र घोषित किए गए 76 लाभार्थियों की जांच की। इसके अलावा उन्होंने पूर्ण हो चुके व निर्माणाधीन आवासों की गुणवत्ता को भी जांचा। मनरेगा से कराए गए कार्यों की जांच की। विभिन्न रजिस्टरों को भी चेक किया।
शासन ने सर्वाधिक प्रधानमंत्री आवासों का लक्ष्य सरेंडर करने वाली ग्राम पंचायतों में लाभार्थियों की जांच के लिए स्टेट स्तर से अधिकारियों को जांच के लिए नामित किया है। प्रधानमंत्री आवास और मनरेगा की गुणवत्ता को जांचने की जिम्मेदारी ग्राम्य विकास विभाग के उपायुक्त अखिलेश कुमार को दी गई है। गुरुवार को वे यहां पहुंचे और सीडीओ देवेंद्र पांडेय व अन्य अधिकारियों के साथ बैठक करके ग्राम्य विकास विभाग से संचालित योजनाओं की समीक्षा की। उन्होंने प्रधानमंत्री आवासों के लाभार्थियों को दूसरी किस्त जल्द से जल्द देकर आवासों को पूरा कराने के सख्त निर्देश दिए।
जिले में आवासों की लक्ष्य सबसे अधिक संख्या में सरेंडर करने वाली ग्राम पंचायत अरखा पहुंचकर उन्होंने 76 अपात्रों की जांच की। इसके अलावा निर्माणाधीन आवासों के साथ ही पूर्ण हो चुके आवासों की गुणवत्ता को भी जांचा। मनरेगा के कार्यों की जांच करने के साथ ही उन्होंने पंचायत घर में रखे रजिस्टरों को भी जांचा। मिलीं कमियों को दुरुस्त करने के निर्देश दिए। गांव में कराई गई वॉलपेंटिंग को भी चेक किया। ग्राम्य विकास विभाग के उपायुक्त अखिलेश कुमार जिले में रुके हैं। वे 10 नवंबर को भी जिले के कई गांवों में पहुंचकर ग्राम्य विकास विभाग से संचालित योजनाओं और कार्यों की जांच करके उनकी कमियों को खंगालेंगे। जांच करके अपनी रिपोर्ट शासन को उपलब्ध कराएंगे। निरीक्षण के दौरान डीसी मनरेगा अनिल कुमार सिंह, बीडीओ ऊंचाहार रामसागर यादव आदि मौजूद रहे।