रायबरेली। नगर पालिका परिषद रायबरेली की बोर्ड की बैठक में शुक्रवार को जनरल सर्वे के लिए हरी झंडी मिल सकती है। अगर ऐसा हुआ तो लगभग 15 हजार अपंजीकृत मकानों को पालिका में पंजीकृत किया जाएगा। इन्हें टैक्स के दायरे में लाया जाएगा। बोर्ड की बैठक में इस प्रस्ताव को शामिल किया गया है।
पिछली नगर पालिका की बोर्ड की बैठक में जनरल सर्वे कराने का प्रस्ताव हुआ था। 22 मई को हुई बोर्ड की बैठक इस प्रस्ताव की पुष्टि होनी थी, लेकिन कुछ सभासदों ने जनरल सर्वे पर कुछ खामियां बताते हुए विरोध किया था। सभी ने संशोधन करके जनरल सर्वे कराने की बात कही थी। अब पालिका के अफसर संशोधन करके इस प्रस्ताव को बोर्ड की बैठक में एक बार फिर रखने जा रहे हैंं। सभासद यदि सहमति जताते हैं तो जनरल सर्वे का कार्य शुरू हो सकेगा।
शहर क्षेत्र का विस्तार तेजी के साथ हो रहा है। शहर के उन इलाकों राजघाट, मुंशीगंज, त्रिपुला, रतापुर, देवानंदपुर, मटिहा में लोग मकान बनाकर रहने लगे हैं। वहां पालिका के अफसरों की नजर नहीं गई थी। यानी पालिका में मकान पंजीकृत नहीं कराए गए हैं। ऐसे में यह मकान मालिक पालिका को टैक्स नहीं देते हैं और सुविधाएं पूरी ले रहे हैं।
अफसरों के मुताबिक मौजूदा समय में पालिका में 45 हजार पंजीकृत मकानों की संख्या है। करीब 15 हजार ऐसे मकान मालिक हैं, जो हाउस टैक्स के दायरे से बाहर हैं। इसके अलावा शहर में खडंज़ा, सडक़, नाली निर्माण समेत अन्य विकास कार्यों को कराने को लेकर चर्चा की जाएगी।
बैठक में हंगामे के आसार
बोर्ड की बैठक में इस बार भी हंगामे के आसार हैं। सभासदों के बीच चल रहा गतिरोध अब तक समाप्त नहीं हुआ है। सभासद सतीश मिश्रा, रामखेलावन बारी, जय प्रकाश वर्मा, संजय श्रीवास्तव का कहना है कि आउटसोर्सिंग कर्मचारियों का ब्योरा सार्वजनिक किया जाए। पालिका के विभाग में कुल कितनी गाडि़या हैं और उन पर प्रतिमाह कितना ईंधन खर्च किया जाता है, इसकी जानकारी सदन को दी जाए। ऐसा नहीं हुआ तो बोर्ड की बैठक का बहिष्कार किया जाएगा।
शहर का विकास कराना पहली प्राथमिकता
शहर का विकास कराना उनकी पहली प्राथमिकता है। कई ऐसे लोग हैं, जो विकास कार्यों में अड़चन डालने का काम कर रहे हैं। शुक्रवार दोपहर तीन बजे पालिका सभागार में बोर्ड की बैठक होगी। विकास कार्यों को कराने पर सहमति बनाई जाएगी।
- शत्रोह्न सोनकर, नगर पालिकाध्यक्ष