गोरा बाजार स्थित पावर कॉर्पोरेशन दफ्तर के एक कमरा में पड़े घरों से उतारे गए इलेक्ट्रनिक मीटर।
रायबरेली। स्मार्ट मीटर लगने के बावजूद उपभोक्ताओं को अब माइनस बैलेस होने पर बिजली कनेक्शन कटने जैसी परेशानी नहीं उठाना पड़ेगी। शासन के निर्देशानुसार जिले में स्मार्ट प्रीपेड मीटर को पोस्टपेड में परिवर्तित करने का काम तेजी से किया जा रहा है। इसके चलते अब डेढ़ लाख स्मार्ट मीटर पहले की तरह काम करेंगे। पूरे माह खर्च होने वाले बिजली बिल का संदेश उपभोक्ता के लिंकअप मोबाइल नंबर पर आएगा। मीटर में बैलेंस कम होने पर किसी की बिजली गुल नहीं होगी।
उपभोक्ता बिल जारी होने के बाद 15 दिन की मियाद में अपना बिजली बिल जमा कर सकते हैं। तय मियाद में बिल राशि जमा न करने पर बिजली कनेक्शन काटने की कार्रवाई की जाएगी। जिले में पांच लाख से बिजली उपभोक्ता हैं। इनके यहां अभी तक इलेक्ट्रानिक मीटर लगे हैं। केंद्र सरकार की आरडीएसएस योजना के तहत सभी उपभोक्ताओं के यहां स्मार्ट मीटर लगाए जाने हैं।
जिले में अब तक 1.56 लाख स्मार्ट मीटर लगे हैं। इन मीटरों को प्रीपेड मोड में करने से लोगों की परेशानी बढ़ गई थी। बिजली का बिल माइनस होने पर बिजली तुरंत कट जाती थी। हर जगह विरोध बढ़ने पर अब इन मीटरों को उच्चस्तर से फिर से पोस्टपेड में परिवर्तित कर दिया। ऐसा होने से अब उपभोक्ताओं का कनेक्शन अपने आप मीटर से नहीं कटेगा। पहले की तरह उपभोक्ता बिजली बिल जमा कर सकेंगे।
मोबाइल नंबर फीड करने को लगेंगे शिविर
उपभोक्ताओं को अपने कनेक्शन के साथ मोबाइल नंबर फीड करवाना जरूरी होगा। इसी मोबाइल नंबर पर उपभोक्ता को बिजली बिल का संदेश मिलेगा। हर महीने की 10 तारीख तक उपभोक्ता ने कितनी बिजली खर्च की उसकी पूरी जानकारी मिलेगी। इसके प्रचार-प्रसार के लिए विद्युत शिविर भी आयोजित किए जाएंगे।
अब नहीं गुल होगी बिजली
स्मार्ट मीटर से अब अपने आप बिजली सप्लाई बंद नहीं होगी। फिलहाल पुराना मीटर हटाकर स्मार्ट मीटर लगाने पर रोक है। स्मार्ट मीटर खराब होने या नया कनेक्शन लेने पर ही स्मार्ट मीटर लगाया जाएगा। उपभोक्ता समय से बिजली का बिल जमा करें। ज्यादा बकाया होने पर कनेक्शन काटा जा सकता है।
- रविचंद्र श्रीवास्तव, मुख्य अभियंता