ऊंचाहार (रायबरेली)। फर्जी पत्रकार बनकर रौब गांठने और गांवों में प्रधानों व कर्मचारियों को धमका कर वसूली करने वाले पांच युवकों को गिरफ्तार किया गया है।
सभी के विरुद्ध गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज हुआ है। तहसील दिवस में मामला पकड़ में आने के बाद डीएम संजय कुमार खत्री और एसपी सुजाता सिंह ने इसे गंभीरता से लिया। डीएम के निर्देश पर एसपी ने सीओ डलमऊ विनीत सिंह से जांच कर एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए।
काफी दिनों से ऊंचाहार और आसपास के क्षेत्र में फर्जी पत्रकारों का एक गैंग सक्रिय था। यं लोग गांव-गांव जाकर विकास योजनाओं के काम की गुणवत्ता पर ग्राम प्रधान, राशन को लेकर कोटेदार तथा अन्य कर्मचारियों को धमकाकर वसूली करते थे।
मंगलवार को ऊंचाहार में तहसील दिवस चल रहा था। उसी समय ये लोग पहुंच गए। डीएम के अलावा एसपी से बातचीत कर रौब गांठने लगे।
जिलाधिकारी और एसपी पूरा माजरा समझ गए। एसपी ने सीओ डलमऊ को तहसील दिवस पहुंचे पांच युवकों की जांच करने के निर्देश दिए।
सीओ की जांच में इनके पहचान पत्र फर्जी मिले। इस पर डीएम ने सीओ व ऊंचाहार कोतवाल धनजय सिंह को सभी को गिरफ्तार कर कार्रवाई के निर्देश दिए। सहायक सूचना निदेशक प्रमोद कुमार को इनके कागजात के सत्यापन और कार्यवाही का निर्देश दिया।
सीओ विनीत सिंह बताया कि इस गिरोह का मुखिया जालौन जनपद निवासी अनुज शर्मा है। उसके पास एक टीवी चैनल के नाम से आईडी मिली है। जब उस आईडी का सत्यापन किया गया तो वह फर्जी पाई गई।
उसके साथ गदागंज थाना क्षेत्र के नेवलगंज गांव निवासी विकाश चंद्र, जगतपुर थाना क्षेत्र के छोटी करेती निवासी मंजीत कुमार, ऊंचाहार कोतवाली के कंदरावा गांव निवासी अनिल कुमार और ऐहारी बुजुर्ग गांव निवासी रोशन लाल को भी गिरफ्तार किया गया।
सभी के विरुद्ध सहायक सूचना निदेशक ने धोखाधड़ी समेत कई गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया है। ये लोग किराए पर वाहन लेकर विभिन्न कार्यालयों में जाकर रोब गांठते थे।
पूछताछ में पता चला कि ये लोग भोलेभाले लोगों से 1500 रुपये लेकर पत्रकार बनाते थे। इनकी वसूली का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि इन्होंने 20 हजार रुपये महीने किराए पर एक वाहन ले रखा था। सीओ विनीत सिंह ने बताया कि सभी के विरुद्ध मुकदमा दर्ज करके जेल भेजा जा रहा है।