फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

14 और छात्राएं बीमार, अस्पताल में भर्तीं

विज्ञापन
विज्ञापन
रायबरेली। रैन गांव स्थित जयप्रकाश नारायण सर्वोदय बालिका विद्यालय में बुधवार को 14 और छात्राएं बीमार हो गईं। बुखार, सिरदर्द, पेटदर्द से छात्राओं की हालत बिगड़ने पर उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बछरावां पहुंचाया गया। आठ की हालत नाजुक होने पर उन्हें जिला अस्पताल रेफर किया गया है। अब तक यहां 54 छात्राएं बीमार हो चुकी हैं। इससे बुधवार को अन्य छात्राएं दहशत में नजर आईं।
विज्ञापन

जयप्रकाश नारायण सर्वोदय बालिका विद्यालय में मंगलवार को दूषित भोजन और पानी से 40 छात्राएं बीमार हो गई थीं। 18 छात्राओं को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। वहीं बुधवार सुबह अचानक एक-एक करके 14 और छात्राएं बीमार हो गईं। बीमारी से ग्रसित नीतू मौर्या, शैल यादव, आरती, नंदिनी, शिवानी, स्वाति, खुशी, मुस्कान, शालू रावत, प्रियंका, कोमल, मुस्कान, अंजली, खुशबू को बछरावां सीएचसी में भर्ती कराया गया।
जहां शिवानी, स्वाति, मुस्कान, शालू, खुशबू, शैल, नंदिनी व अंजली की हालत गंभीर देख डॉक्टर ने जिला अस्पताल रेफर कर दिया। अस्पताल में छात्राओं के ब्लड के सैंपल भी भरे गए हैं। सीएचसी अधीक्षक डॉ. एके जैसल ने बताया कि मंगलवार से अब तक 25 छात्राओं के ब्लड के सैंपल लिए गए। वहीं 45 छात्राओं के स्वास्थ्य की जांच की गई है।
विज्ञापन

बुधवार को स्कूल से 14 छात्राओं को लाया गया, जिन्हें सिर दर्द, पेट दर्द व उलझन की शिकायत थी। सभी का इलाज किया गया है। आठ छात्राओं को जिला अस्पताल रेफर किया गया। वहीं मंगलवार को गंभीर हालत में जिला अस्पताल में भर्ती कराई गईं छात्रा शालिनी, पूजा, संजना गौतम, रिया यादव, सीमा, स्नेहा, अफसाना बानो, पूनम, पूनम श्रीवास्तव, नैंसी, सौम्या, रिया, सोमेलिया, प्रीति, मोहिनी, शालिनी, अंजली, रोशनी में से आठ छात्राओं को बुधवार को सेहत ठीक होने के बाद डिस्चार्ज कर दिया गया है।
शेष 10 छात्राओं का इलाज चल रहा है। समाज कल्याण अधिकारी आरसी दुबे का कहना है कि आठ छात्राओं को डिस्चार्ज किया गया है। शेष छात्राओं की हालत में सुधार है। जयप्रकाश नारायण सर्वोदय आवासीय बालिका विद्यालय रैन बछरावां में दूषित खाना खाने व पानी पीने से बीमार 40 छात्राओं के मामले में समाज कल्याण विभाग की अव्यवस्थाओं की पोल खुल गई है।
जिले के तीनों स्कूलों में छात्र-छात्राओं के इलाज के लिए कोई बंदोबस्त नहीं हैं, जबकि इसके लिए पद पहले सेे ही स्वीकृत हैं। कहीं अधीक्षक नहीं तो कहीं प्रधानाचार्य नहीं है। किसी तरह से काम चलाया जा रहा है। स्टाफ भी पर्याप्त नहीं है। भोजन और नाश्ते की व्यवस्था की जिम्मेदारी दिल्ली की सूर्या चेरिटेबल ट्रस्ट को दी गई है।
व्यवस्थाओं को चेक करने के नाम पर खानापूरी होने के कारण ही स्थितियों में सुधार नहीं आ पा रहा है। मामले में स्कूल की प्रधानाचार्या कात्यायनी देवी व अधीक्षक बृजेश कुमार को नोटिस देकर जवाब मांगा गया है। शुरू से ही अव्यवस्थाओं के अंबार के कारण आए दिन समस्या हो रही है, लेकिन इस समस्या से निजात दिलाने के लिए विभाग कुछ नहीं कर पा रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें