विधानसभा चुनाव के नामांकन प्रक्रिया के पांचवें दिन कैबिनेट मंत्री डॉ. मनोज कुमार पांडेय, सदर विधायक अखिलेश सिंह की बेटी व कांग्रेस प्रत्याशी अदिति सिंह समेत 14 उम्मीदवारों ने परचा दाखिल किया। इस दौरान समर्थकों की भारी भीड़ से जहां डिग्री कॉलेज चौराहे पर जाम लग गया।
वहीं नामांकन कक्ष के अंदर जाने को लेकर समर्थकों और सीओ सदर के बीच झड़पें भी हुई। पुलिस ने समर्थकों को बाहर खदेड़ दिया। पूर्वाह्न 11 बजे से नामांकन प्रक्रिया शुरू कराई गई। ऊंचाहार विधानसभा सीट से सपा प्रत्याशी एवं कैबिनेट मंत्री डॉ. मनोज कुमार पांडेय ने समर्थकों के साथ पहुंचकर नामांकन किया।
रायबरेली विधान सभा सीट से सदर विधायक अखिलेश सिंह की बेटी व कांग्रेस प्रत्याशी अदिति सिंह ने नामांकन पत्र दाखिल किया। रायबरेली सीट से ही भाजपा उम्मीदवार अनीता श्रीवास्तव, राष्ट्रीय लोकदल से भारती पांडेय, बहुजन मुक्त पार्टी से राजेश कुमार ने भी समर्थकों के साथ परचा दाखिल किया।
सरेनी विधान सभा सीट से कांग्रेस प्रत्याशी अशोक सिंह, भाजपा उम्मीदवार धीरेंद्र सिंह, भारतीय डेमोक्रेटिक सोशलिस्ट एलायंस पार्टी से स्नेहलता और निर्दलीय के रूप में होरीलाल ने परचा भरा। बछरावां विधान सभा सीट से भाजपा उम्मीदवार रामनरेश रावत और निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में गुरु प्रसाद ने नामांकन पत्र दाखिल किया।
हरचंदपुर सीट से बसपा उम्मीदवार एवं पूर्व सांसद स्व.अशोक सिंह के बेटे मनीष सिंह, भाजपा उम्मीदवार कंचन वर्मा और निर्दलीय प्रत्याशी के रूप सिराजुल हक ने परचा भरा। पांचवें दिन सबसे अधिक परचे दाखिल किए गए।
प्रमुख दलों के उम्मीदवारों ने भारी समर्थकों के साथ दमखम दिखाने का प्रयास किया। समर्थकों के हुजूम से डिग्री कॉलेज चौराहे पर जाम लग गया। इससे कुछ देर आवागमन भी ठप रहा। यह नहीं कई दलों के समर्थकों को सीओ सदर श्वेता श्रीवास्तव ने नामांकन कक्ष जाने से रोक दिया। इस पर समर्थकों और सीओ के बीच तीखी झड़पें हुई।
पांचवें दिन नामांकन करने वाले प्रत्याशी भी किसी से कम नहीं हैं। कोई करोड़पति तो कोई लखपति की हैसियत रखता है। यही नहीं कई प्रत्याशियों पर मुकदमे भी दर्ज हैं। अपने नामांकन पत्र में दाखिल किए गए ब्योरा में सभी ने प्रत्याशियों ने अलग-अलग ब्योरा दर्ज किया है।
कैबिनेट मंत्री के पास तीन करोड़ से ज्यादा और पत्नी नीलम पांडेय के पास पांच करोड़ से ज्यादा की अचल संपत्ति है। मंत्री पर 51 लाख 87 हजार और पत्नी पर 47 लाख से ज्यादा का लोन है। एक करोड़ 18 लाख 37 हजार से ज्यादा की चल संपत्ति है।
पत्नी के पास भी 74 लाख से ज्यादा की चल संपत्ति है। बेटे मनी पांडेय, प्रतीक पांडेय और शिवा पांडेय के पास भी चल संपत्ति है। डॉ. मनोज कुमार पांडेय स्नातक के साथ आनर्स, डॉक्टर ऑफ फिलॉसफी इन सोशलसाइंस भी किए हैं। सुल्तानपुर जिले के जयसिंहपुर थाने में मंत्री के खिलाफ आर्म्स एक्ट के मुकदमे दर्ज हैं।
सदर विधायक अखिलेश सिंह की बेटी एवं कांग्रेस प्रत्याशी अदिति सिंह के पास 15 हजार रुपये की नकदी है। बैंक में 53 हजार रुपये जमा हैं। इसके अलावा 44 लाख 90 हजार रुपये का लोन है। अदिति ने डयूक यूनिवर्सिटी अमेरिका से मास्टर ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज की डिग्री प्राप्त की है। पहली बार चुनावी मैदान में उतरी हैं।
मनीष सिंह के पास 15 हजार रुपये की नकदी है। 4.888 हेक्टेयर से ज्यादा की भूमि है। पत्नी का नाम आरती चौधरी उर्फ आरती सिंह और बेटी का नाम आरना सिंह है। मनीष पर एक करोड़ 48 लाख और उनकी पत्नी दो लाख रुपये से ज्यादा का लोन है।
मनीष के पास एक करोड़ 57 लाख से ज्यादा की चल संपत्ति है। मनीष के पास तीन करोड़ और उनकी पत्नी के पास एक करोड़ से ज्यादा की अचल संपत्ति है। उनके खिलाफ कुल पांच मुकदमे दर्ज थे, जिसमें से एक मुकदमे में दोष मुक्त किए जा चुके हैं। सदर कोतवाली में तीन और मिल एरिया थाने में दो मुकदमे दर्ज हैं। इनमें गैंगस्टर भी लगा है।
प्रत्याशी कंचन वर्मा परास्नातक हैं। इनके पास नकद 50 हजार रुपये और बैंक में 20 हजार रुपये में जमा हैं। इनके पास छह लाख 70 हजार और उनके पति राहुल के पास 14 लाख से ज्यादा की चल संपत्ति है। कंचन के पास दो लाख से ज्यादा की अचल संपत्ति है। पति के पास एक करोड़ 54 लाख की अचल संपत्ति है।
अनीता विधि स्नातक हैं। इनके पास 30 लाख 44 हजार से अधिक की चल संपत्ति है। इनके पति कुलदीप श्रीवास्तव के पास 15 लाख 45 से ज्यादा की चल संपत्ति है। अनीता के पास 35 लाख और उनके पति के पास 29 लाख की अचल संपत्ति है।
भाजपा प्रत्याशी धीरेंद्र सिंह विधि स्नातक हैं। इनके पास छह लाख 22 हजार से ज्यादा की चल संपत्ति है। उनकी पत्नी के पास नौ लाख से ज्यादा की चल संपत्ति है। धीरेंद्र के पास 30 लाख की अचल संपत्ति भी है। इन पर कोई अपराध दर्ज नहीं है।
प्रत्याशी अशोक सिंह हाईस्कूल पास हैं। इनके पास छह लाख 46 हजार से ज्यादा की चल संपत्ति है। इनके पास 1.6 हेक्टेयर भूमि भी है। इन पर न तो कोई अपराध है और न ही इनके पास शस्त्र है।
रामनरेश रावत विधि स्नातक हैं। इनके पास से 36 लाख से ज्यादा की चल संपत्ति है। पत्नी के पास 13 लाख की चल संपत्ति है। इनके पास एक करोड़ 60 हजार और पत्नी के पास एक करोड़ 38 लाख की अचल संपत्ति है। रामनरेश के पास नकदी में 50 हजार और उनकी पत्नी के पास 25 हजार रुपये हैं। दो नाली बंदूक और एक रायफल है।