बछरावां (रायबरेली)। पुलिस ने मंगलवार रात 135 मवेशियों को बरामद करते हुए चार तस्करों को गिरफ्तार किया। बरामद पशुओं में से आठ पशुओं की मौत हो चुकी थी। इसी बीच अंधेरे का फायदा उठाकर एक तस्कर भाग निकला।
हिंदू संगठनों की शिकायत पर पुलिस ने कार्रवाई की। जांच में पाया गया है कि पशुओं को तस्करी करके बाराबंकी ले जाया जा रहा था। इस मामले में पशुक्रूरता निवारण अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है।
मंगलवार रात करीब 11 बजे फतेहपुर जिले से पशुओं को ट्रक में लादकर बाराबंकी की तरफ ले जाया जा रहा था। पशुओं को ट्रक में ठूंस-ठूंसकर भरा गया था। इसकी जानकारी बजरंग दल के पदाधिकारियों को हुई तो वह सक्रिय हो गए। साथ ही ट्रक का पीछा किया। सूचना पुलिस को भी दी। बछरावां-लालगंज मार्ग पर चुरुवा पश्चिम गांव बाईपास मोड़ के पास बजरंग दल के पदाधिकारियों और पुलिस ने ट्रक को रोक लिया। बछरावां कोतवाली प्रभारी श्याम कुमार पाल ने बताया कि ट्रक पर सवार मथुरा जिले के कोची कला निवासी तौफीक, फिरोजाबाद निवासी शहंशाह, कानपुर देहात के डेरापुर निवासी राम आसरे, मैनपुरी जिले के करहल निवासी फैजान को पकड़ा गया। फिरोजाबाद निवासी आरोपी काला मौके से भागने में सफल रहा। यह सभी पशु तस्कर हैं और पशु तस्करी का कार्य करते हैं। आरोपियों ने पशुओं को बाराबंकी ले जाने की बात स्वीकार की है। मृत पशुओं का पोस्टमार्टम कराया गया है। दरोगा नियाजी हुसैन की तहरीर पर मामले में प्राथमिकी दर्ज की गई है।
उधर, बजरंग दल के जिला संयोजक राजू रावत का कहना है कि फतेहपुर जिले के पदाधिकारियों ने पशु तस्करी की सूचना दी थी। इसके बाद सक्रिय होकर मामले में कार्रवाई कराई गई है। छुट्टा पशुओं को पहले पकड़कर सूनसान स्थान में बांध देते हैं। इसके बाद उन्हें वाहन पर लादकर कटने वाले स्थान पर ले जाते हैं।