रायबरेली। महज नशे के विवाद में साथियों ने ही युवक की गला दबाकर हत्या की थी। सदर कोतवाली पुलिस ने जिला पंचायत के निलंबित सफाई कर्मचारी समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपी नशे का आदी हैं।
एसपी सुनील कुमार सिंह ने बताया कि 18 अप्रैल को शहर के हनुमंतपुरम में झाड़ी में एक युवक का शव मिला था। बाद में उसकी पहचान नंदकिशोर गौड़ के रूप में हुई थी, जो सोनिया नगर का रहने वाला था।
घटनास्थल से सिरिंज और नशीला एबिल इंजेक्शन मिला था। पहले पुलिस नशे के ओवरडोज को मौत का कारण मान रही थी। हालांकि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गला दबाकर हत्या किए जाने की पुष्टि हुई थी।
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि मृतक के पिता अशर्फीलाल गौड़ की तहरीर पर केस दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू की थी। इसी बीच सदर कोतवाल अतुल सिंह, वरिष्ठ उपनिरीक्षक संजय सिंह ने सोमवार रात टीम के साथ सारस तिराहे के पास घटना में शामिल तीन आरोपियों को दबोच लिया।
इनकी पहचान शहर के सोनिया नगर निवासी कमलेश कुमार, गोलू शर्मा और जगदीशपुरम निवासी सुशील तिवारी के रूप में हुई है।
एसपी ने बताया कि कमलेश जिला पंचायत कार्यालय में सफाई कर्मचारी है, जो काफी अरसे से निलंबित चल रहा है। मृतक और पकड़े गए आरोपी दोस्त थे और नशे के आदी थे।
ये लोग स्मैक में एबिल इंजेक्शन मिलाकर नशा करते थे। स्मैक और एबिल इंजेक्शन मिलाने पर चार डोज नशा बन जाता था। घटना वाले दिन अधिक नशा करने की बात को लेकर मृतक का साथियों से विवाद हो गया।
इस पर तीनों ने मिलकर उसका गला घोट दिया। एसपी का कहना है कि सारस होटल के पास से एक मेडिकल स्टोर से एबिल इंजेक्शन की बिक्री की जाती है। यहीं से आरोपियों ने नशीला पदार्थ की खरीदारी की थी। मेडिकल स्टोर संचालक के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।