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पेट के कीड़े मारने की दवा खाने से 12 बच्चों की हालत बिगड़ी

Wed, 01 Mar 2017 12:28 AM IST
रायबरेली/ अमर उजाला ब्यूराे
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सांकेतिक चित्र
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सलोन तहसील क्षेत्र में मंगलवार को पेट में कीड़े मारने वाली दवा अल्बेंडा जोल खाने से एक मदरसे के 12 बच्चों की हालत अचानक बिगड़ गई। आनन-फानन बच्चों को पीएचसी पहुंचाया गया। इसमें से चार बच्चों को भर्ती कर लिया गया, जबकि अन्य को छुट्टी दे दी गई।
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सीएमओ डॉ. डीके सिंह का कहना है कि खाली पेट दवा नहीं खानी चाहिए। खाली पेट दवा खाने से ऐसी शिकायत हुई है। बच्चों की हालत ठीक है। राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस के तहत विद्यालयों में पेट में होने वाले कीड़े मारने की दवा अल्बेंडा जोल खिलाई जा रही है।

इसी दौरान ग्राम सभा अतागंज के मिस्बाहुल उलेमा मदरसे में दवा के सेवन से 12 बच्चों को उल्टियां शुरू हो गईं। इससे मदरसा के शिक्षकों में हड़कंप मच गया। शकीर (11) पुत्र नवाब, नाहिर अली (13) पुत्र आसिफ, नदसा (13) पुत्री अनवर, रेशमा (10) पुत्री जहीर, समीना (13) पुत्री जहीर,  रसीदा (10) पुत्री रफीक, तैसीब (12) पुत्री सरताज, शिबली (8) पुत्री ताहिर, हेरा (8) पुत्री मो. अयूब, तहसीन (12) पुत्री अशफाक, नाजिया (12) पुत्री अनवर, शबाना (12) पुत्री याकूब आदि बच्चों को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया।
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जहां हेरा, तहसीन, नाजिया व शबाना को भर्ती कर लिया गया, जबकि बाकी बच्चों को उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई। बताया जाता है कि बच्चों को खाली पेट दवा देने से उनकी हालत बिगड़ी है। हालांकि मदरसे के शिक्षक मो. रिजवान ने बताया कि बच्चों से यह पूछकर दवा खिलाई गई की उन्होंने सुबह नाश्ता किया था या नही। वहीं बच्चों की हालत बिगड़ने की खबर जब परिवारीजन भी पीएचसी पहुंच गए। बच्चों से मिले और शिक्षकों को खरी खोटी सुनाई। 
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