रायबरेली। जिले में दूषित व मिलावटी खाद्य पदार्थों की बिक्री करने वाले 12 कारोबारियों पर 2.45 लाख रुपये का अर्थदंड लगाया गया है। प्रयोगशाला की जांच में दूध, दही, गुड़, हल्दी पाउडर, छेना आदि खाद्य पदार्थों के नमूने फेल आने के बाद एडीएम प्रशासन के कोर्ट में मुदकमा किया गया था। एडीएम ने मुकदमों में सुनवाई करते हुए मिलावटखोरों पर अर्थदंड लगाया। सभी को दो माह के अंदर जुर्माने की राशि जमा करने के आदेश दिए गए हैं। ऐसा न करने पर भू राजस्व की भांति वसूली होगी।
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग की टीमों ने पिछले साल अभियान चलाकर खाद्य पदार्थों के नमूने लेकर जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे थे। जांच रिपोर्ट आने के बाद मिलावटखोरों के खिलाफ एडीएम प्रशासन कोर्ट में मुकदमा किया गया। एडीएम सिद्धार्थ ने मुकदमों की सुनवाई करते हुए बिना लाइसेंस के दुकान संचालित करने वाले दौलतपुर रोड भोजपुर निवासी विवेक कुमार पर 15 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया। भारत बेकरी बिस्कुट मिस्ब्रांड होने पर न्यू अनन्या बेकरी के संचालक मनोज कुमार पर 25 हजार और विक्रेता गोविंदा पर पांच सौ रुपये का जुर्माना लगाया।
दही का नमूना फेल होने पर सुपर मार्केट स्थित गुप्ता चाटभंडार के संचालक मनोज कुमार पर 25 हजार, रंगीन छेना मिठाई का नमूना फेल होने पर मुन्ना स्वीट्स के संचालक अशोक कुमार पर 25 हजार रुपये अर्थदंड लगाया। श्रीश्याम ब्रांड काजू का नमूना फेल होने पर नेहरू नगर निवासी नरेंद्र बहादुर सिंह पर 25 हजार, कुट्टू आटा का नमूना फेल होने पर लार्ड बेकरी फिरोज गांधी के संचालक मनमीत सिंह पर 50 हजार व दुकानदार रविंदर सिंह पर पांच हजार का अर्थदंड लगाया।
दही का नमूना फेल होने पर जेल गार्डेन रोड चटोरे फूड प्लाजा के संचालक हरप्रीत कौर पर 25 हजार, गुड़ का नमूना फेल होने पर गंगागंज निवासी पप्पन पर 15 हजार, दूध क नमूना फेल होने पर हुलासी भदोखर निवासी शेर बहादुर पर 10 हजार और हल्दी पाउडर का नमूना फेल होने पर नवीन मंडी रतापुर निवासी किरन कुमार पर 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है।
मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी अंजनी कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि संबंधित कारोबारियों को जुर्माना का आदेश उपलब्ध करा दिया गया है। दो माह के अंदर सभी को जुर्माने की धनराशि जमा करने के आदेश दिए गए हैं।