रायबरेली। शहरी में कोरोना संक्रमण को मात देने के लिए शासन की मंशा पर शुरू हुए चुनिंदा लोगों की (फोकस्ड) सैंपलिंग का अभियान 30 नवंबर को पूरा हो गया है। अभियान में 12,777 लोगों की जांच की गई। जिसमें 37 लोगों की रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आई। टीमों ने शहर की मलिन बस्तियों के अलावा, जिला जेल, बाल सुधार गृह, नारी निकेतन, स्ट्रीट वेंडरों के साथ ही सरकारी दफ्तरों में पहुंचकर लोगों की कोरोना की जांच के लिए सैंपल लिया था।
जिला अस्पताल में कोविड जांच की रिपोर्टिंग के प्रभारी नीरज मौर्या ने बताया कि शासन की मंशा पर शहर में सैंपलिंग का विशेष अभियान 19 नवंबर से शुरू कराया था। चुनिंदा लोगों की सैंपलिंग अभियान के तहत पहले दिन शहर के कांशीराम कॉलोनी, गिरीबशाह का पुरवा और राजघाट स्थित मलिनबस्ती में चार टीमों ने सैंपलिंग की थी।
तीन दिन मलिन बस्तियों में जांच के बाद 22 नवंबर को जिला जेल के पूरे स्टाफ, 23 नवंबर को बाल सुधार गृह, 24 नवंबर को नारी निकेतन, 25 नवंबर को स्ट्रीट वेंडरों, 26 नवंबर को स्कूलों के शिक्षकों व स्टाफ और 27 नवंबर को सरकारी व गैर सरकारी दफ्तरों में सैंपलिंग की गई। 28 से 30 नवंबर के बीच शहर की बाजारों में टीमें पहुंचकर लोगों की जांच हुई।
अभियान के दौरान 12,777 लोगों की जांच की गई। इसमें 9,295 लोगों की एंटीजन से जांच की गई। जिसमें सात लोग संक्रमित मिले, लेकिन आरटीपीसीआर जांच केजीएमयू लखनऊ 3482 लोगों के सैंपल भेजकर जांच कराई गई, जिसमें 32 लोगों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। अभियान की अच्छी प्रगति रही, क्योंकि 12 हजार से अधिक लोगों की जांच में मात्र 37 लोग ही संक्रमित मिले।