इग्रुआ के निदेशक समेत तीन के खिलाफ एफआईआर
रायबरेली-फुरसतगंज। फुरसतगंज स्थित इंदिरा गांधी राष्ट्रीय उड़ान अकादमी (इग्रुआ) के निदेशक विनोद कुमार वर्मा समेत तीन अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है।
रिपोर्ट दर्ज कराने वाले प्रशिक्षु छात्र का आरोप है कि अधिकारियों ने न सिर्फ उसका उत्पीड़न किया, बल्कि गलत ढंग से टर्मिनेट भी कर दिया।
छात्र की तहरीर पर केस दर्ज करके पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। पुलिस जांच करके उचित कार्रवाई करने की बात कह रही है।
उन्नाव के भाऊमऊ पोस्ट असोहा निवासी जगत नारायण वर्मा के बेटे अनुपम वर्मा की तहरीर पर फुरसतगंज पुलिस ने शुक्रवार देर शाम एफआईआर दर्ज की है।
अनुुपम वर्मा ने बताया है कि वह अनुसूचित जाति का है। छात्रवृत्ति प्राप्त करके इग्रुआ में कामर्शियल पायलेट लाइसेंस (सीपीएल) पाठ्यक्रम के लिए जुलाई 2015 में प्रवेश लिया था।
पीड़ित का आरोप है कि उसे प्रशिक्षण संबंधी उपकरण व किताबें, जो सरकारी धनराशि से मिलनी थी, पर कोई आर्थिक लाभ न मिलने की वजह से उसे नहीं दी गई। वह जब भी मांग करता, उसे भगा दिया जाता।
छात्र का आरोप है कि लेखाधिकारी सचिन टंडन अपने पद का दुरुपयोग करके उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित करते रहे। उसे निदेशक विनोद कुमार वर्मा व सुदेश कुमार ने एक पॉलिसी बनाकर पहले उसे रेलीगेट (जूनियर बैच में डालना) कर दिया और बाद में एक हियरिंग बोर्ड बनाकर टर्मिनेट करके खराब प्रदर्शन व अध्ययन के लिए अयोग्य करार दिया।
पीड़ित का आरोप है कि उसे जॉइनिंग निर्देश में दिए गए प्रावधानों के तहत प्रशिक्षण नहीं कराया गया, बल्कि उसे साजिश कर मानसिक जांच के लिए भेजने के लिए भी लिखा गया।
पीड़ित की शिकायतों पर महानिदेशक नागर विमानन विभाग द्वारा एक जांच की जा रही थी। उनके द्वारा टर्मिनेशन न करने के निर्देश के बावजूद उसे गलत ढंग से टर्मिनेट कर दिया गया।
फुरसतगंज थानेदार प्रेमपाल सिंह ने बताया कि पीड़ित की तहरीर पर इग्रुआ के निदेशक, लेखाधिकारी समेत तीन के खिलाफ धोखाधड़ी, साजिश आदि और एससी/एसटी एक्ट के तहत केस दर्ज करके मामले की जांच शुरू कर दी गई है।