रायबरेली। लखनऊ-वाराणसी रेल मार्ग पर विद्युतीकरण के लिए शुक्रवार से काम शुरू हो गया। मेगा ट्रैफिक ब्लॉक के कारण कई ट्रेनें रद्द रहीं।
इससे मुसाफिर बेहाल दिखे। ये ट्रैफिक ब्लॉक 19 मार्च तक रहेगा। शुक्रवार को दो-दो घंटे के दो ब्लॉक लेकर सिग्नल को दुरुस्त करके कंट्रोल यूनिट से जोड़ने का काम कराया गया और प्वाइंट सेट किए गए।
पुराने सिग्नल हटाकर नए सिग्नल लगाते ही रेल लाइन विद्युतीकरण का काम पूरा हो जाएगा और सारी गाड़ियां इलेक्ट्रिक इंजन के साथ दौडने लगेंगी।
लखनऊ-वाराणसी वाया रायबरेली रेल लाइन के विद्युतीकृत करने में रायबरेली यार्ड में लगे 44 पुराने सिग्नल ही रोड़ा बने हैं, जिन्हें बदलने का काम शुरू हो चुका है।
रेल विकास निगम लिमिटेड के लखनऊ और दिल्ली से आए अधिकारियों, अभियंताओं, तकनीकी विशेषज्ञों समेत लगभग 300 कर्मचारियों की टीम डेरा डाले हैं।
उत्तर रेलवे लखनऊ मंडल के कई वरिष्ठ अधिकारी भी डटे हैं। इसके अलावा उत्तर रेलवे के नई दिल्ली मुख्यालय से आए मुख्य परिचालन प्रबंधक (सामान्य) अब्दुल करीम शम्सी और उप मुख्य परिचालन प्रबंधक हरीश ने भी निरीक्षण किया।
आरवीएनएल के प्रबंधक जगन्नाथ मिश्र ने बताया कि पहले दिन रायबरेली यार्ड में इलेक्ट्रिक प्वाइंट डिडेक्टर का काम कराने के साथ ही पूर्वी और पश्चिमी केबिन के सिग्नल लीवर से संबंधित कार्य कराया गया।
प्लेटफार्म एक और तीन से निकालीं गईं गाड़ियां
ट्रैफिक ब्लॉक के कारण ज्यादातर ट्रेनें रद्द हैं, फिर भी यात्रियों की सुविधाओं को देखते हुए लंबी दूरी की कई गाड़ियां चलाई जा रही हैं।
लखनऊ से प्रतापगढ़-बनारस की ओर जाने वाली और उधर से आने वाली गाड़ियां तीन नंबर प्लेटफार्म से चलाई जा रही हैं तो लखनऊ से प्रयागराज की तरफ जाने वाली और उधर से आने वाली गाड़ियों को प्लेटफार्म नंबर एक पर रोका जा रहा है।
इस वजह से यात्रियों को भी इधर-उधर भटकना पड़ रहा है। गाड़ी आते ही उस पर चढ़ने को लेकर मारामारी की स्थिति रही। शुक्रवार को पंजाब मेल से सफर करने वालों की भीड़ बहुत अधिक रही। स्टेशन अधीक्षक राकेश कुमार ने बताया कि ट्रैफिक ब्लॉक की वजह से प्वाइंट एक जगह सेट कर दिए गए हैं, ताकि गाडिय़ों के आने पर लाइन न बदलनी पड़े।