रायबरेली। सात सूत्री मांगों को लेकर मंगलवार से 2833 आंगनबाड़ी केंद्रों पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने ताला जड़ दिया। कामकाज ठप कर हड़ताल शुरू कर दी और विकास भवन में एकत्र होकर सरकार के खिलाफ धरना दिया।
धरने में आंगनबाड़ी कर्मचारी एवं सहायिका एसोसिएशन की अध्यक्ष लीना पांडेय ने कहा कि सरकार आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की उपेक्षा कर रही है।
मानदेय बढ़ोतरी और सेवा शर्तों में सुधार की मांग लंबे समय सेे की जा रही है, लेकिन सरकार मांगों को पूरा नहीं कर रही है। अब आंदोलन को मांगे पूरी न होने तक जारी रखा जाएगा।
धरने में जिला प्रभारी राकेश कुमार शुक्ला ने कहा कि लगातार आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को राज्य कर्मचारी का दर्जा दिलाए जाने की मांग की जा रही है, लेकिन सरकार ध्यान नहीं दे रही है। 18 हजार रुपये मानदेय भी नहीं दिया जा रहा है।
खानापूरी करते हुए केंद्र सरकार ने मानदेय में मात्र 1500 रुपये की बढ़ोतरी की है। इतने कम मानदेय से आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं पर परिवार नहीं चल सकता है।
धरने में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने प्रदेश सरकार के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया और मांगे पूरी न होने तक हड़ताल को जारी रखने की चेतावनी दी।
आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की हड़ताल से 2833 आंगनबाड़ी केंद्रों के मंगलवार को ताले नहीं खुले। इससे योजनाओं का क्रियान्वयन नहीं किया जा सका। धरने में जिला संरक्षक कुसुम सिंह, कोषाध्यक्ष सालसा सिंह, सह प्रभारी सुनीता त्रिपाठी, ममता चौरसिया, बीना सिंह, कांती देवी, बीना श्रीवास्तव, सुनीता भारती, रंजना श्रीवास्तव, प्रियंका सिंह आदि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता मौजूद रहे।