रायबरेली। एनटीपीसी ऊंचाहार की यूनिट नंबर छह में आए दिन हादसा होना आम बात हो गई है। कभी मजदूरों का गिरना तो कभी स्पार्किंग के चलते आग लगना, तो कभी सिलेंडर में विस्फोट हो जाना।
इन घटनाओं ने एनटीपीसी प्रबंधन को कटघरे में खड़ा कर दिया है। सवाल उठ रहा है कि किस चूक की वजह से आए दिन हादसे हो रहे हैं और इस लापरवाही का जिम्मेदार कौन है।
माना जा रहा है कि हादसे वाली छठवीं यूनिट को नवंबर में शुरू करने की तैयारी अधिकारियों की ओर से कराई जा रही है। इस वजह से यूनिट के मरम्मत का कार्य तेजी से चल रहा है।
पर अंदरखाने की मानें तो हादसे वाली यूनिट की मरम्मत का काम पूरी तरह से अभी नहीं हो पाया है और काफी काम रह गया है।
एनटीपीसी सूत्र बताते हैं कि यूनिट को कोयला सप्लाई के लिए बनाई गई कन्वेयर बेल्ट का सेफ्टी प्वाइंट अभी कंप्लीट नहीं हो सका है। बस कन्वेयर बेल्ट के कॉलम की ढलाई शुरू है।
इस काम को पूरा होने में लगभग दो माह का वक्त लग सकता है। यही नहीं यूनिट से राख निस्तारण के लिए बनाई जा रही पाइप लाइन का काम भी अधूरा है।
बावजूद इसके परियोजना के अधिकारी नवंबर में यूनिट चलाने के मूड में है। सूत्रों के अनुसार यूनिट को कोयले की सप्लाई पुरानी कन्वेयर बेल्ट से जोड़कर करने की तैयारी है, जबकि राख निस्तारण अन्य यूनिटों से निकली पाइपलाइन से करने की योजना बनाई जा रही है।
यह जल्दबाजी तब है, जब आए दिन यूनिट में मजदूरों के गिरने व आग लगने की घटनाएं आम हो गई हैं। इन घटनाओें को लेकर एनटीपीसी प्रबंधन चुप्पी साधे हुए है।