लालगंज (रायबरेली)। कोतवाली क्षेत्र के कुंडवल गांव में रविवार की रात दो सगे भाई तालाब में डूब गए। तालाब में डूबने की खबर मिलते ही लोगों की भीड़ जमा हो गई। सूचना पर पुलिस और फायर ब्रिगेड के कर्मचारी मौके पर पहुंचे और दोनों भाइयों के शवों को खोजने के लिए तालाब में उतरे, लेकिन उन्हें सफलता नहीं मिली। गोताखोरों की मदद से 4.30 घंटे के बाद दोनों के शव मिल सके।
कुंडवल गांव निवासी रामपाल रैदास उर्फ पप्पू (22) पुत्र भगवानदीन रविवार की रात 9.30 बजे नित्यक्रिया के गांव में स्थित बढ़ईला तालाब के किनारे गया था। तभी अचानक उसका पैर फिसल गया और वह तालाब में गिर गया। उसके शोर मचाने पर बड़ा भाई सूर्यपाल (35) उसे बचाने के लिए तालाब में कूद गया। दोनों तालाब में डूबने लगे। जब तक ग्रामीण दोनों को बचाने के लिए कोई उपाय करते, तब तक दोनों तालाब में डूब गए।
सूचना पर पहुंचे फायर ब्रिगेड के ड्राइवर आनंद प्रताप सिंह व इसरार अहमद रस्सा आदि लेकर नाव से दोनों भाइयों की खोजबीन के लिए तालाब में उतरे। लेकिन उनकी नाव भी तालाब में पलट गई और दोनों कर्मचारी तालाब में गिर गए। दोनों ने किसी तरह जान बचाकर तालाब से बाहर निकले।
फायर ब्रिगेड के कर्मचारियों को कोई सफलता न मिलने पर पुलिस ने दोनों भाइयों की खोजबीन करने के लिए सरेनी थाना क्षेत्र के गेंगासो गांव से गोताखोरों को बुलाया। करीब 4.30 घंटे के बाद रात दो बजे गोताखोरों ने दोनों के शवों को खोज निकाला। प्रभारी निरीक्षक संजय मौर्य ने बताया कि शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिए गए। तालाब में डूबा सूर्यपाल राजगीर का काम करता था। जबकि रामपाल उर्फ पप्पू दिहाड़ी मजदूरी करता था।
घटना के 12 घंटे बाद खुली तहसील प्रशासन की नींद
रात 9.30 बजे दो भाइयों के तालाब में डूबने की खबर डलमऊ तहसील प्रशासन तक नहीं पहुंची। घटना के बाद पुलिस और फायर ब्रिगेड के कर्मचारी तो मौजूद रहे, लेकिन तहसील से कोई भी अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा। सुबह दस बजे के बाद एसडीएम जीतलाल मौके पर पहुंचे। लेकिन वह भी कोई आश्वासन दिए बिना ही लौट गए। जिसके बाद ग्रामीण आक्रोशित हो गए। लोगों के आक्रोशित होने की सूचना पर प्रभारी निरीक्षक संजय मौर्य मौके पर पहुंचे और उन्होंने ग्रामीणों को समझा कर शांत कराया।
गांव में छाया मातम
लालगंज। एक ही परिवार के दो सगे भाइयों की मौत की घटना से गांव में मातम छा गया। दोनों शवों को देखकर परिवारीजन दहाड़े मार-मारकर रो रहे थे। यह मंजर देख वहां पर मौजूद सभी लोगों की आंखें नम हो गईं। सूर्यपाल के दो पुत्र रवि, किशन और एक पुत्री सोनम हैं। तीनों मासूमों के सिर से पिता का साया उठ गया। घर पर मां सरला, पिता भगवानदीन, मृतक की पत्नी विमला, भाई श्रीपाल, पिंकी, बहन रामादेवी सहित सभी परिवारीजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।