एक और श्रमिक हारा जिंदगी की जंग
रायबरेली। एनटीपीसी ऊंचाहार में हुए दर्दनाक हादसे में झुलसे एक और श्रमिक की दिल्ली में मंगलवार रात इलाज के दौरान मौत हो गई। इस तरह हादसे में मरने वाले श्रमिकों की संख्या अब 41 पहुंच गई है। वहीं अन्य झुलसे श्रमिकों का अलग-अलग अस्पतालों में इलाज चल रहा है। इसमें से कुछ श्रमिकों की हालत भी गंभीर बताई जा रही है। हादसे की जांच कई टीमें तो कर रही हैं, लेकिन अब तक हादसे की सही वजह सामने निकलकर नहीं आई है।
एनटीपीसी ऊंचाहार की 500 मेगावाट की छठवीं यूनिट में एक नवंबर को बॉयलर फटने से दर्दनाक हादसा हुआ था। इस हादसे में 40 श्रमिकों की जहां मौत हो गई थी, वहीं काफी श्रमिक घायल हो गए थे। हादसे के बाद झुलसे श्रमिकों को रायबरेली, लखनऊ और दिल्ली के अस्पतालों में भर्ती कराया गया था। एनटीपीसी के जनसंपर्क अधिकारी एके श्रीवास्तव ने बुधवार को बताया कि दिल्ली में झुलसे श्रमिक भीम सिंह यादव (24) निवासी पूरे दयाल मजरे पुरवारा थाना ऊंचाहार की दिल्ली के एक अस्पताल में मौत हो गई। अब हादसे में मरने वाले श्रमिकों की संख्या 41 हो गई है।
उन्होंने बताया कि मृतक का शव घर लाया जा रहा है। गांव में पुलिस बल तैनात कर दिया गया है, ताकि कोई बवाल न हो। श्रमिक की मौत की सूचना मिलने पर ऊंचाहार विधायक मनोज पांडेय के प्रतिनिधि जिला सहकारी बैंक के निदेशक आशीष तिवारी ने पीड़ित के घर पहुंचकर परिवारीजनों को ढांढस बंधाया। कहा कि सरकार से परिवारीजनों के हर संभव मदद की लड़ाई लड़ी जाएगी। दुख की इस घड़ी में ऊंचाहार विधायक परिवार के साथ हैं।
घर में मचा कोहराम, थम नहीं रहे आंसू
एनटीपीसी हादसे में भीम सिंह यादव की मौैत की सूचना घर पहुंचते ही परिवारीजनों में कोहराम मच गया। परिवारीजनों के जहां आंसू नहीं थम रहे हैं, वहीं उनमें एनटीपीसी प्रबंधन के खिलाफ नाराजगी भी है। सिर्फ परिवारीजन ही नहीं, बल्कि पूरे गांव श्रमिक की मौत से गमगीन है। बताया जाता है कि मृतक श्रमिक भीम सिंह यादव ही परिवार के लिए दो वक्त की रोजी-रोटी का जुगाड़ करता था।