रायबरेली। सलोन कस्बे में पशु आहार की दुकान पर छापे में बरामद किए गए पोषाहार के मामले में जिले के तीन बाल विकास पुष्टाहार अधिकारी (सीडीपीओ) और सात सुपरवाइजरों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। बाल विकास पुष्टाहार विभाग के निदेशक शत्रुघ्न सिंह ने सभी को निलंबित करके जिला कार्यक्रम अधिकारी कार्यालय से संबद्ध किया है।
साथ ही सलोन, डीह, राही और जगतपुर के 18 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को बर्खास्त करने के आदेश दिए हैं। पोषाहार की कालाबाजारी के मामले में बड़ी कार्रवाई के बाद विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों में हड़कंप मचा है।
बीती छह सितंबर को सलोन कस्बे में जगतपुर मार्ग स्थित राधेश्याम पशु आहार भंडार की दुकान व गोदामों पर छापा मारकर भारी मात्रा में पोषाहार बरामद किया गया था। मामले में कई लोगों के खिलाफ केस दर्ज कराया गया था। बरामद बोरियों पर प्रतापगढ़ जिले की परियोजनाओं रामपुर खास, संग्रामगढ़, प्रतापगढ़ आदि का नाम लिखा हुआ था।
इसके अलावा जिले के सलोन, राही, जगतपुर और डीह ब्लॉक का पोषाहार भी बरामद हुआ था। बाल विकास पुष्टाहार विभाग के आदेश पर 11 अधिकारियों की टीम गठित करके ब्लॉकों के 186 आंगनबाड़ी केंद्रों की जांच की थी। जांच के बाद रिपोर्ट निदेशक को भेजी गई थी।
बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग के निदेशक शत्रुघ्न सिंह ने मामले को गंभीरता से लेते हुए सलोन की प्रभारी सीडीपीओ सीता त्रिपाठी, डीह की प्रभारी सीडीपीओ शैल सिंह, जगतपुर की प्रभारी सीडीपीओ अमिता जायसवाल को निलंबित करके जिला कार्यक्रम अधिकारी कार्यालय से संबद्ध कर दिया है।
इसके अलावा सलोन की सुपरवाइजर लालती देवी, कुसुम सिंह, सीता देवी, शोभावती, निर्मला तिवारी, ज्ञानवती सिंह, डीह की सुपरवाइजर कुसुमा शर्मा को भी निलंबित करके डीपीओ कार्यालय से संबद्ध किया है।
उन्होंने सलोन ब्लॉक की आंगनबाड़ी कार्यकर्ता इंद्रा देवी, अरुणा बाला, सनी बेगम, साधना, प्रेमावती, मायादेवी, सुशीला, रेखा, लालवती, सविता यादव, डीह ब्लॉक की आंगनबाड़ी कार्यकर्ता पुष्पा श्रीवास्तव, पूनम, वंदना, नसरीन, अल्ला बानो, सबा खातून, जगतपुर की आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सुधा सिंह, मंजूलता को बर्खास्त करने के आदेश भी दिए हैं।
जिले में वर्षों से चल रहा पोषाहार की कालाबाजारी का खेल
सलोन में पशु आहार की दुकान से पोषाहार बरामद होने के बाद भले की विभाग के कारनामों की कलई उजागर हो गई है, लेकिन जिले में यह गोरखधंधा वर्षों से चल रहा है। विभाग के अधिकारियों की साठगांठ से हो रहे इस खेल का खामियाजा गर्भवती महिलाओं और बच्चों को भोगना पड़ रहा है।
ब्लॉक स्तरीय गोदामों से आंगनबाड़ी केंद्रों को पहुंचने वाला पुष्टाहार रास्ते में ही बेच दिया जाता है। खानापूरी के लिए कुछ पोषाहार ही केंद्रों तक पहुंच पाता है। इस खेल में सीडीपीओ, सुपरवाइजर और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता शामिल रहते हैं।
गोरखधंधा पहली बार पकड़ में आने के बाद निदेशक के स्तर से बड़ी कार्रवाई की गई है। हालांकि इस मामले में प्रतापगढ़ जिले की परियोजनाओं रामपुर खास, संग्रामपुर, प्रतापगढ़ के संबंधितों के खिलाफ पहले ही कार्रवाई की जा चुकी है।
सलोन के राधेश्याम पशु आहार भंडार पर छापे में पोषाहार बरामद होने के बाद सलोन, डीह, जगतपुर और राही ब्लॉकों के आंगनबाड़ी केंद्रों पर पोषाहार की जांच के बाद प्रभारी सीडीपीओ, सुपरवाइजरों व 18 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के खिलाफ कार्रवाई के लिए शासन को पत्र भेजा गया था। मामले में शासन स्तर से कार्रवाई की गई है।
-शरद कपूर, प्रभारी जिला कार्यक्रम अधिकारी