एक महीने पहले ही की थी घोषणा
शाइस्ता परवीन ने एक महीने पहले ही मायावती से मुलाकात करके महापौर का चुनाव लड़ने के एलान किया था। हालांकि उनकी मायावती से अबतक मुलाकात नहीं हो सकी हैं लेकिन उन्होंने बताया कि वह सदस्यता लेने के बाद मायावती से मिलने जाएंगी।
अतीक और शाइस्ता ने की थी योगी की तारीफ
बाहुबली अतीक अहमद 20 अक्तूबर को लखनऊ में एक मामले पर पेशी पर आए थे, जहां उन्होंने पत्रकारों से कहा था कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बहादुर और ईमानदार सीएम हैं। इसके कुछ दिनों के बाद ही अतीक की पत्नी शाइस्ता ने भी प्रयागराज में प्रेसवार्ता कर के योगी की तारीफ की थी। इसी प्रेसवार्ता के दौरान उन्होंने महापौर पद पर चुनाव लड़ने की भी घोषणा की थी।
अतीक अहमद का राजनीतिक जीवन
अतीक अहमद ने वर्ष 1989 से राजनीतिक जीवन की शुरूआत की थी। पहली बार वह इलाहाबाद पश्चिम विधानसभा सीट से निर्दल उम्मीदवार के रूप चुनाव में कूदे और पहली बार ही विधायक चुने गए। उन्होंने कांग्रेस के गोपालदास को 8102 वोट से हराया। इसके बाद अतीक अहमद ने इसी सीट से 1991 और 1993 का चुनाव भी निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर जीता। फिर वह समाजवादी पार्टी में शामिल हुए और वर्ष 1996 में चौथी बार विधायक बनने की हैट्रिक लगाई।
वर्ष 1999 में अतीक अहमद सपा का साथ छोड़कर सोनलाल पटेल की पार्टी अपना दल में शामिल हुए और प्रतापगढ़ से चुनाव लड़े और उसे हार का सामना करना पड़ा। 2002 में अपना दल ने अतीक को उनकी परंपरागत सीट इलाहाबाद पश्चिमी से टिकट दिया। इस चुनाव में अतीक अहमद को फिर कामयबी मिली और वह विधानसभा पहुंचने में सफल रहे।
वर्ष 2003 में मुलायम सिंह यादव की सरकार बनी तो अतीक अहमद एक बार फिर सपा में शामिल हो गए और 2004 का लोकसभा चुनाव लड़ा। चुनाव में जीत के साथ ही वह पहली बार संसद की दहलीज तक पहुंचा। इसके बाद वर्ष अहमद ने समाजवादी पार्टी से वर्ष 2014 में श्रावस्ती से चुनाव लड़ा था, जहां उन्हें हार का सामना करना पड़ा था।