वृंदावन के गांव सुनरख में सौभरि वन की जमीन को खाली कराने गई पुलिस प्रशासन की टीम को किसानों के गुस्से का सामना करना पड़ा। किसानों ने गुरुवार को कालीदह परिक्रमा मार्ग पर विरोध प्रदर्शन करते हुए हंगामा कर दिया। सड़क पर लकड़ियों को रखकर आग लगा दी, जिससे अफरातफरी मच गई।
वृंदावन के गांव सुनरख स्थित सौभरि वन के लिए भूमि अधिग्रहीत कर वन विभाग को देने पर किसान बृहस्पतिवार को आक्रोश हो गए। खड़ी फसल को नष्ट होता देख एक परिवार के तीन सदस्यों ने विषाक्त पदार्थ खाने की कोशिश की। पुलिस ने इन्हें समय रहते पकड़ लिया। कार्रवाई के विरोध में किसानों ने परिक्रमा मार्ग पर आगजनी कर जाम लगाया। प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन किया।
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जाम खुलवाने की कोशिश की गई तो किसान उग्र हो गए। उनकी पुलिस से झड़प भी हुई। इसके बाद पुलिस ने बल प्रयोग कर किसानों को खदेड़ दिया। पुलिस ने चार महिलाओं और चार पुरुषों को हिरासत में लिया है। बीते कई दिन से यमुना खादर के किसानों और वन विभाग के बीच सुनरख स्थित सौभरिवन के लिए जमीन अधिग्रहण को लेकर विरोध चल रहा था।
बृहस्पतिवार की सुबह जेसीबी और ट्रैक्टर ट्रॉलियों के साथ सुनरख पहुंची वन विभाग और पुलिस टीम को किसानों के विरोध का सामना करना पड़ा। किसान राजू, उनकी पत्नी सुशीला और बेटे ने विषाक्त पदार्थ का सेवन करने का प्रयास किया। यह जानकारी होते ही रतन छतरी और कालीदह क्षेत्र में रहने वाले किसान सड़कों पर उतर आए। इस पूरे मामले को लेकर वृंदावन में तनाव की स्थिति बनी हुई है।
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इधर विरोध, उधर फसल तबाह
वन विभाग की जमीन पर खड़ी फसल को नष्ट करने पहुंचे अधिकारियों को स्थानीय लोगों के विरोध का सामना करना पड़ा। यमुना किनारे जहांगीरपुर खादर की करीब 15 हेक्टेयर कृषि योग्य भूमि पर स्थानीय किसान 6 से 7 दशक से फसल बोते आ रहे हैं। वहीं प्रशासन के नक्शे में यह भूमि मांट तहसील के अंतर्गत वन विभाग के नाम दर्ज है। भूमि को लेकर कई बार मांट तहसील के उपजिलाधिकारी द्वारा चेतावनी भी दी गई, जबकि किसान इसे अपनी भूमि बता रहे हैं।
बृहस्पतिवार को राजस्व कर्मियों की टीम पुलिसबल के साथ कब्जा मुक्त कराने पहुंची। भूमि पर किसानों द्वारा गेहूं की फसल की गई थी। जैसे ही खड़ी फसल पर जेसीबी चलनी शुरू हुई। लोगों ने विरोध शुरू कर दिया। पुलिस कर्मियों ने खदेड़ा तो लोग भीड़ बांके बिहारी मंदिर जाने वाले मुख्य मार्ग पर एकत्रित हो गए। कुछ युवकों ने आगजनी और पथराव का प्रयास भी किया गया।
कच्चे मकानों और बिटोरों में आग लगा दी
सौभरिवन के लिए ली जा रही 52 एकड़ भूमि पर लगभग डेढ़ सौ किसानों के खेत हैं। इसमें फसल खड़ी है। पिछले दिनों प्रशासन ने इस भूमि का अधिग्रहण वन विभाग के लिए किया था। इसका किसानों ने विरोध किया था। अधिकारियों के समक्ष प्रदर्शन कर आरोप लगाया था कि वन विभाग के द्वारा बिना नोटिस दिए उनकी खेती की जगह को अधिग्रहीत किया जा रहा है।
किसान बंटू, राजेश निषाद, चुन्नीलाल, धर्मपाल, सुरेश, रतन, शीला, सुमन, प्रेमवती और मुन्नी का कहना है कि कई पीढ़ियों से इस जमीन पर वे खेती करते आ रहे हैं। वन विभाग अब इसे अपनी भूमि बता रहा है। इस भूमि के छिन जाने पर उनके परिवार रोजी-रोटी से मोहताज हो जाएंगे। किसानों का आरोप है कि पुलिस ने उनके कच्चे मकानों और बिटोरों में आग लगा दी।
सीओ सदर प्रवीण मलिक ने बताया कि जहांगीर खादर में जमीन से कब्जा हटाया जा रहा है। यहां किसानों के कालीदह पर मकान बने हैं। जब उन्हें कब्जा हटाने की जानकारी हुई तो उन्होंने प्रदर्शन कर आगजनी की। इस संबंध में चार महिलाओं व चार पुरुषों को हिरासत में लिया गया है। विरोध करने वालों पर केस दर्ज किया जाएगा।