रोजगार की तलाश में दूर-दराज की दौड़ लगाने वाले युवाओं के लिए नए साल में उम्मीदों को पिटारा खुलेगा। मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना के तहत युवाओं को उद्यम स्थापित करने के लिए पांच लाख का ऋण मुहैया कराया जाएगा।
अगले एक माह के अंदर करीब 1500 युवाओं को रोजगार से जोड़ने की मुहिम चलाई जाएगी। योजना के तहत उद्योग विभाग ने एमएसएमई के तहत उद्योग की स्थापना कराने और शहरी व ग्रामीण क्षेत्र में रोजगार का मौका उपलब्ध कराने का खाका तैयार किया है। शैक्षणिक योग्यता भी आठवीं पास रखी गई है, ताकि हुनरमंद इच्छुक युवा अपनी पसंद का रोजगार शुरू कर आत्म निर्भर बन सकें।
उद्यम स्थापित होने अन्य युवाओं को भी रोजगार के अवसर उपलब्ध हो जाएंगे। आवेदक को उद्योग शुरू करने से पहले संबंधित उद्यम से जुड़ा प्रशिक्षण लेना होगा। मान्यता प्राप्त संस्थान से डिप्लोमा, डिग्री होने जरूरी है।
ओडीओपी के तहत प्रशिक्षण ले चुके युवाओं को भी योजना से जोड़ा जाएगा। युवाओं को उद्यम शुरू करने के लिए पांच लाख रुपये का ऋण बैंक से उपलब्ध कराया जाएगा। चार साल में किस्त के आधार पर ऋण की अदायगी करनी होगी। कर्ज पर लगने वाले ब्याज को सरकार हर महीने अदा करेगी। चार साल में ऋण जमा न करने पर आवेदक को ही बाकी रकम का ब्याज अदा करना होगा। जिला स्तर पर योजना की समीक्षा भी की जाएगी।
स्वरोजगार स्थापित करने के लिए पांच लाख रुपये का ब्याज मुक्त ऋण उपलब्ध कराया जाएगा। योजना को मिशन मोड के आधार पर संचालित किया जाएगा। आवेदन की प्रक्रिया ऑनलाइन शुरू हो गई है।
- अजय त्रिपाठी, उपायुक्त उद्योग।