मानिकपुर में मंगलवार भोर में चोरी के आरोपी युवक को पुलिस के सामने ईंट-पत्थर से कूंचकर मार डालने के मामले में पुलिस ने आरोपियों को पहचानने के बाद भी अज्ञात में मुकदमा दर्ज किया है। अधिकारियों की फटकार के बाद अब घटना के वायरल वीडियो से आरोपियों को ढूंढने का दावा किया जा रहा है।
मानिकपुर के मुंदीपुर मोहल्ले में मंगलवार भोर में पीतांबर सरोज के घर में घुसे गांव के ही सतीश को चोरी करने के आरोप में ग्रामीणों ने लाठी डंडे से पीटने के बाद ईंट-पत्थर से कूंचकर मार डाला था। मौके पर मौजूद पुलिस बल असहाय नजर आया था। मानिकपुर पुलिस सतीश को मौत के घाट उतारने वालों को अच्छी तरह से पहचानती है।
इसके बावजूद आनन-फानन में अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया। बूढ़े पिता को वादी बनाया। जबकि हमले में तीन सिपाही भी घायल हुए थे और घटना के चश्मदीद गवाह भी हैं। इसके बावजूद पुलिस की ओर से कोई मुकदमा नहीं लिखा गया। पुलिस के खेल से हर कोई हतप्रभ है। लोगों का कहना है कि जब पुलिस ईंट पत्थर बरसाने वालों को अच्छी तरह पहचानती है तो नामजद मुकदमा दर्ज कराने से क्यों पीछे हट गई।
ऐसे में बेगुनाह लोगों को पुलिस पकडक़र लाएगी। शोषण करने के बाद छोड़ देगी। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो क्लिप से पुलिस ऐसे लोगों के घरों पर दबिश दे रही है। पुलिस की कार्यशैली से लोग अब अंगुली उठाने लगे हैं। बुधवार को सतीश के पिता समेत रिश्तेदारों ने शव का अंतिम संस्कार कर दिया। सीओ राधेश्याम का कहना है कि जब मृतक के पिता ने अज्ञात में तहरीर दी तो पुलिस क्या कर सकती है।