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पुलिस हिरासत में गांजा के साथ पकड़े गए युवक की मौत

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पुलिस हिरासत में मृत अधेड़ का शव शकरदहा स्थित घर पहुंचने पर जुटी भीड़। - फोटो : PRATAPGARH
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कुंडा में गांजा के साथ पकड़े गए युवक की पुलिस हिरासत में मौत हो गई। परिजनों ने पुलिस पर पिटाई और समय से इलाज न कराने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि मौत होने के बाद पुुुलिस शव घर पर रखकर चली गई। मृतक के बड़े भाई को थाने पर बुलाकर लिखापढ़ी कराई गई। उधर, पुलिस का दावा है कि आरोपी के बीमार होने के बाद उसे परिजनों के हवाले कर दिया गया था।
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बाघराय थाना क्षेत्र के शकरदहा निवासी संतोष सिंह (46) पुत्र बद्री नारायण सिंह कुंडा स्थित एक भांग के ठेके पर नौकरी करता था। संतोष की मां इंद्रा सिंह ने बताया कि बीते आठ अक्तूबर को उसका बेटा भांग के ठेके पर गया था।
रात में वह लौटकर घर नहीं आया। देर रात खबर मिली कि कुंडा पुलिस ने उसे बिदासिन नहर पुलिया के पास से 450 ग्राम गांजा के साथ गिरफ्तार कर लिया है। इस पर वह कोतवाली पहुंची, लेकिन उसे बेटे से नहीं मिलने दिया गया।
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संतोष की मां का आरोप है कि पुलिस ने उस पर गांजा तस्करी का झूठा आरोप लगाया। लॉकअप में बंदकर उसकी पिटाई की गई। नौ अक्तूबर को उसे जेल भेजने से पहले पुलिस कुंडा सीएचसी में मेडिकल कराने पहुंची। यहां संतोष की हालत खराब देखकर चिकित्सकों ने प्रयागराज रेफर कर दिया। पुलिस ने इसकी जानकारी भी उसे नहीं दी।
सिर्फ एक बार फोन पर बेटे से बात कराई। इसके बाद पुलिसकर्मियों ने कहा कि संतोष बीमार है। उसकी हालत खराब है। शुक्रवार शाम पांच बजे कुंडा पुलिस उसका शव घर पर छोड़कर चली गई। उसकी मौत की जानकारी होने पर परिजनों में कोहराम मच गया। लोगों ने हंगामा शुरू कर दी। खबर मिलने पर सीओ के साथ कुंडा और बाघराय पुलिस पहुंची और संतोष के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
अनाथ हो गए दो बच्चे
संतोष चार भाइयों में दूसरे नंबर का था। सभी अलग-अलग रहते हैं। संतोष भांग के ठेके पर नौकरी करता था। उसी से उसका खर्च चलता था। उसकी मौत से छह वर्षीय बेटी ललिता व पांच वर्ष के बेटे प्रतीक के सिर से पिता का साया उठ गया। संतोष की पत्नी ने उसकी मौत की जांच कराने की मांग की है।
पोस्टमार्टम में नहीं हो सका खुलासा, विसरा प्रिजर्व
संतोष की मौत का कारण पोस्टमार्टम में भी स्पष्ट नहीं हो सका। रिपोर्ट में उसके हृदय के पास खून जमा होने और पेट में पीले रंग का लिक्विड मिलने का जिक्र है। चिकित्सकों को उसकी मौत का कारण नहीं पता चल सका। इस पर विसरा प्रिजर्व कर लिया गया है।
मुचलके पर थाने से जमानत देने के बाद संतोष को छोड़ दिया गया था। घरवाले ही उसे लेकर इलाज कराने जा रहे थे। रास्ते में उसकी मौत हो गई।
जीतेंद्र सिंह परिहार, सीओ, कुंडा।
संतोष गांजा विक्रेता था। वह गांजा के साथ पकड़ा गया था। तबीयत बिगड़ने पर उसे कुंडा सीएचसी में भर्ती कराया गया। चिकित्सकों ने उसे रेफर कर दिया। इस दौरान उसे परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया। प्रयागराज ले जाते समय उसकी मौत हुई है।
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दिनेश द्विवेदी, एएसपी पश्चिमी
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