आरती और अभिषेक के बाद कृपालुजी को 56 प्रकार के भोग लगाए गए। इस अवसर पर भक्तों ने केक भी काटा। बड़ी संख्या में जुटे श्रद्धालु कृष्ण भजन में झूमते रहे। इसके बाद प्रसाद वितरण का आयोजन हुआ और भक्तों ने प्रसाद ग्रहण किया।
भक्तिधाम मनगढ़ में कृपालु जी का जन्म महोत्सव शरद पूर्णिमा पर श्रद्धा के साथ मनाया गया। रात 12 बजे उनके जन्म समय से शुरू हुआ संकीर्तन और जीवन लीला का मंचन पूरी रात चलता रहा। आरती के बाद 56 प्रकार के भोग लगाए गए। कृपालुजी महाराज का 100वां जन्मदिवस पूरे भक्तिधाम मनगढ़ ने महा उत्सव के रूप में मनाया गया। रात डेढ़ बजे से ही संकीर्तन की धुन पर श्रद्धालु झूमते रहे। साथ ही पूरी रात मंदिर में कृपालु जी महाराज के जीवन पर आधारित लीलाएं दिखाईं गईं।
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आरती और अभिषेक के बाद कृपालुजी को 56 प्रकार के भोग लगाए गए। इस अवसर पर भक्तों ने केक भी काटा। बड़ी संख्या में जुटे श्रद्धालु कृष्ण भजन में झूमते रहे। इसके बाद प्रसाद वितरण का आयोजन हुआ और भक्तों ने प्रसाद ग्रहण किया। शरद पूर्णिमा के अवसर पर खीर भी बनाई गई। कुंडा के हनुमतनगर में कृपालुजी के प्राकट्य दिवस पर उनके चित्र पर दीप प्रज्ज्वलित किया गया। डॉ. शिवप्रसाद तिवारी ने फूलमाला पहनाकर उनकी आरती की। इस दौरान बड़ी संख्या में मौजूद रहे लोगों को प्रसाद का वितरण किया गया।